कोरबा / छत्तीसगढ़ | CG ई खबर : भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, महान समाज सुधारिका और नारी चेतना की प्रतीक के परिनिर्वाण दिवस (10 मार्च) पर जर्नलिस्ट राइट्स काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश पटेल ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके महान योगदान को याद किया।
प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश पटेल ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस समय समाज में शिक्षा की ज्योति जलाई जब महिलाओं और वंचित वर्ग के लिए पढ़ना-लिखना भी अपराध समझा जाता था। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए समाज में समानता, शिक्षा और जागरूकता की अलख जगाई।
उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले का यह संदेश — “शिक्षा के बिना मति गई, मति के बिना नीति गई…” — आज भी समाज को सही दिशा देने वाला प्रेरणास्रोत है। पत्थरों और कीचड़ का सामना करने के बावजूद उन्होंने अपने संकल्प और साहस से समाज की रूढ़ियों को तोड़ते हुए करोड़ों महिलाओं के लिए शिक्षा और सम्मान का रास्ता खोला।
ओम प्रकाश पटेल ने कहा कि सावित्रीबाई फुले का जीवन संघर्ष, सेवा और सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है। उन्होंने महिलाओं, दलितों और वंचित वर्ग के अधिकारों के लिए जो कार्य किया, वह भारतीय समाज के इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।
उन्होंने आगे कहा कि आज आवश्यकता है कि समाज के सभी लोग सावित्रीबाई फुले के आदर्शों को अपनाएं और शिक्षा, समानता तथा सामाजिक न्याय के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लें।
जर्नलिस्ट राइट्स काउंसिल की ओर से भी महान समाज सुधारिका माता सावित्रीबाई फुले को शत-शत नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया गया।
“अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाली उस महान जननी को सादर प्रणाम, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और मानवता की सेवा को ही अपना धर्म बनाया।”

