ads 90x728

रास्ते भर स्वागत, पलक-पांवड़े बिछाए बैठे रहे भक्त — बागेश्वर धाम सरकार का भव्य आगमन


(📰 CG ई खबर | प्रमुख संपादक ओम प्रकाश पटेल)

कोरबा / छत्तीसगढ़ : कोरबा जिले के बांकी मोंगरा अंतर्गत ग्राम ढपढप में आयोजित पांच दिवसीय श्री हनुमंत कथा में शामिल होने के लिए के आगमन पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा स्थल पहुंचते ही भक्तों ने जोरदार स्वागत किया, जिसका अभिवादन मंच से शास्त्री जी ने स्वीकार किया।

कथा प्रारंभ से पूर्व अपना घर सेवा आश्रम के बच्चों और महिलाओं ने कथा व्यास एवं भगवान हनुमान की आरती उतारी। इस दौरान शास्त्री जी ने छत्तीसगढ़ और कोरबा की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि “कोरबा का कोयला पूरे देश को रोशन करता है, अगर यहां से कोयला न मिले तो मध्यप्रदेश में भी अंधेरा छा जाए।” उन्होंने पहली बार कोरबा आने को अपना सौभाग्य बताया।

छत्तीसगढ़ महतारी का जयकारा लगाते हुए उन्होंने माता कौशल्या के संदर्भ में भावुक अंदाज में कहा कि “जब छत्तीसगढ़ महतारी है, तो हम भी आपके भांचा हुए।”


👉 राणा मुखर्जी के सेवा कार्य की सराहना

कथा के दौरान और उनकी पत्नी द्वारा संचालित अपना घर सेवा आश्रम की सराहना करते हुए शास्त्री जी ने कहा कि “जो लोग बेसहारा हैं, उनका सहारा बनना सबसे बड़ा पुण्य है। ऐसी सेवा का कोई मुकाबला नहीं।” उन्होंने कहा कि जब तक भगवान हैं, तब तक इस दुनिया में कोई अनाथ नहीं हो सकता।


👉 घर वापसी के लिए खुला आमंत्रण

शास्त्री जी ने बताया कि वे 1 अप्रैल तक कोरबा में रहेंगे, जहां कथा के साथ-साथ दिव्य दरबार भी लगाया जाएगा। उन्होंने कोरबा, रायगढ़, जशपुर और बिलासपुर के लोगों से अपील की कि जो भी घर वापसी करना चाहते हैं, उनका स्वागत है।
उन्होंने कहा कि सुंदरकांड ऐसा पाठ है जो देश की दिशा और दशा बदलने की क्षमता रखता है।


👉 ‘छुरी’ नाम पर छाए ठहाके

कथा के दौरान हास्य का माहौल भी देखने को मिला। रास्ते में पड़ने वाले ‘छुरी’ गांव का जिक्र करते हुए शास्त्री जी ने मजाक में कहा कि “अभी हमारी शादी भी नहीं हुई और छुरी आ गए,” जिस पर पंडाल में मौजूद श्रद्धालु ठहाकों से गूंज उठे।


👉 जिंदल एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत

शनिवार दोपहर करीब 1:45 बजे रायगढ़ जिले के जिंदल एयरपोर्ट पर प्राइवेट जेट से पहुंचे। यहां जय श्रीराम के नारों, फूल-मालाओं और भारी उत्साह के साथ उनका स्वागत किया गया। इसके बाद उनका काफिला रायगढ़ से कोरबा के लिए रवाना हुआ और शाम करीब 4 बजे कथा स्थल ढपढप पहुंचा।

हजारों श्रद्धालु उनके आगमन की प्रतीक्षा में पलक-पांवड़े बिछाए बैठे रहे और पूरे रास्ते में भव्य स्वागत का सिलसिला जारी रहा।


📌 (CG ई खबर | आपकी आवाज आपकी खबरें 24x7)

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Ads

ads