(📰 CG ई खबर | प्रमुख संपादक : ओमप्रकाश पटेल)
कोरबा/छत्तीसगढ़ : कोरबा जिले में चल रही हनुमंत कथा जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते सुर्खियों में है, वहीं अब आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर विवाद भी सामने आने लगा है। कथा शुरू होने से पहले से ही अंदरूनी मतभेद की चर्चाएं थीं, जो रविवार रात विवाद और झड़प तक पहुंच गईं।
जानकारी के अनुसार, कटघोरा स्थित अग्रसेन भवन में, जहां कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ठहरे हुए हैं, कार्यक्रम संयोजक अमरजीत सिंह और बसंत अग्रवाल के बीच विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि मामला बाबा से मुलाकात को लेकर शुरू हुआ। रात करीब 9 बजे अमरजीत सिंह अपने समर्थकों के साथ भवन के भीतर जाने का प्रयास कर रहे थे, जिसे बसंत अग्रवाल पक्ष के लोगों ने रोक दिया।
देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और धक्का-मुक्की के बाद मारपीट की स्थिति बन गई। आरोप है कि इस दौरान एक गनमैन ने भी हाथ उठा दिया, जिससे माहौल और गरमा गया। घटना की खबर फैलते ही दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और कुछ देर के लिए अग्रसेन भवन परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। हालांकि बाद में समझाइश के बाद मामला शांत हो गया और पुलिस तक बात नहीं पहुंची।
💰 व्यवस्थाओं पर भी उठे सवाल
सूत्रों के मुताबिक, बसंत अग्रवाल पर कुछ लोगों को विशेष प्रवेश दिलाने और इसके बदले धन लेने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। वहीं आयोजन समिति के कुछ सदस्यों का कहना है कि उन्हें निर्णय प्रक्रिया से अलग कर व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं। आयोजन से जुड़े खर्चों को लेकर भी असंतोष की बातें सामने आ रही हैं।
🏛️ आयोजन समिति में मतभेद
हनुमंत कथा का आयोजन अपना घर सेवा आश्रम द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम संयोजक अमरजीत सिंह के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह और राणा मुखर्जी की अहम भूमिका बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि इनकी टीम लंबे समय से तैयारी में जुटी थी, लेकिन अंतिम समय में हुए नए हस्तक्षेप से स्थिति असहज हो गई।
📢 प्रचार-प्रसार पर भी सवाल
इधर, आयोजन के दौरान बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार और राजनीतिक हस्तियों के साथ तस्वीरों वाले बैनर-पोस्टर लगाए जाने को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि धार्मिक आयोजन के बीच इस तरह के व्यक्तिगत प्रचार का उद्देश्य क्या है।
👉 फिलहाल मामला शांत हो गया है, लेकिन आयोजन से जुड़े लोगों के बीच असंतोष बना हुआ है। आने वाले दिनों में आयोजन समिति इस स्थिति को कैसे संभालती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

