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मुंगेली में सनसनीखेज खुलासा: “त्रिनयन एप” से पकड़ा गया संदेही, 10 लाख और जमीन की सुपारी देकर कराई गई हत्या


मुंगेली।
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। हाईटेक “त्रिनयन एप” और साइबर जांच की मदद से इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ, जिसमें परिजनों ने ही संपत्ति के लालच में सेवानिवृत्त लेखापाल की सुपारी देकर हत्या करवा दी।

क्या है पूरा मामला?

22 मार्च 2026 को थाना लालपुर में बलबीर सिंह ने अपने भाई दामोदर राजपूत (62 वर्ष) के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। दामोदर की मोटरसाइकिल मनोहरपुर राइस मिल के पास संदिग्ध हालत में मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की।

“त्रिनयन एप” से मिला बड़ा सुराग

जांच के दौरान पुलिस ने जिले के एंट्री-एग्जिट पॉइंट और सीसीटीवी कैमरों की जांच की। “त्रिनयन एप” के जरिए रूट चार्ट तैयार कर एक संदिग्ध हुण्डई ईऑन कार (CG 10 AC 8986) की पहचान की गई, जो दामोदर के पीछे-पीछे चल रही थी।

वाहन मालिक से पूछताछ में पता चला कि कार को संजय यादव ने किराए पर लिया था। पुलिस ने संजय यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां से पूरे षड्यंत्र का खुलासा हुआ।

10 लाख और 50 डिसमिल जमीन की सुपारी

आरोपी संजय यादव ने बताया कि मृतक के छोटे भाई रणजीत राजपूत, साले पालेश्वर राजपूत और चचेरे भाई रामपाल राजपूत ने दामोदर की हत्या के लिए 10 लाख रुपये और 50 डिसमिल जमीन की सुपारी दी थी।

योजना के तहत 21 मार्च को दामोदर को झाफल बुलाया गया और सुनसान रास्ते में गला घोंटकर हत्या कर दी गई। बाद में शव को कवर्धा जिले के पंडरिया क्षेत्र के जंगल में गड्ढे में दफना दिया गया।

प्रयागराज तक रची गई साजिश

हत्या के बाद आरोपियों ने साजिश को छुपाने के लिए मृतक का मोबाइल फोन ले जाकर गंगा नदी में फेंक दिया, ताकि यह भ्रम फैले कि दामोदर साधु बनकर कहीं चले गए हैं।

पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह

जांच में सामने आया कि मृतक की करोड़ों की संपत्ति और सोने के लालच में परिजनों ने यह साजिश रची। बेटे के साथ विवाद का फायदा उठाकर भाईयों ने संपत्ति हड़पने की योजना बनाई।

11 आरोपी गिरफ्तार, 4 नाबालिग भी शामिल

पुलिस ने मामले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 4 नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है। आरोपियों के कब्जे से नगदी, वाहन और अन्य सबूत भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस की बड़ी सफलता

पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में की गई। साइबर सेल, लालपुर, लोरमी और जरहागांव पुलिस की संयुक्त टीम ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।


👉 निष्कर्ष:
यह मामला दिखाता है कि संपत्ति के लालच में रिश्तों का खून तक किया जा सकता है, लेकिन आधुनिक तकनीक और पुलिस की सूझबूझ से अपराधी आखिरकार कानून के शिकंजे में आ ही जाते हैं।

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