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ऐतिहासिक नीलामी: “यशोदा और कृष्ण” पेंटिंग 167 करोड़ में बिकी, बना नया रिकॉर्ड


नई दिल्ली/मुंबई:
भारतीय कला जगत से एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है। प्रख्यात चित्रकार की प्रसिद्ध पेंटिंग “यशोदा और कृष्ण” ने नीलामी में नया इतिहास रच दिया है। यह कृति की स्प्रिंग लाइव नीलामी में 167.20 करोड़ रुपये (लगभग 17.98 मिलियन डॉलर) में बिकी, जो अब तक की सबसे महंगी आधुनिक भारतीय कला कृति बन गई है।


टूटा पुराना रिकॉर्ड

इस पेंटिंग ने मशहूर कलाकार की अनाम (ग्राम यात्रा) पेंटिंग का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जो पिछले वर्ष 118 करोड़ रुपये से अधिक में बिकी थी।
दिलचस्प बात यह है कि इस कृति की अनुमानित कीमत 80 से 120 करोड़ रुपये के बीच रखी गई थी, लेकिन नीलामी में यह उम्मीद से कहीं अधिक मूल्य पर बिकी।


किसने खरीदी यह अमूल्य धरोहर?

इस ऐतिहासिक पेंटिंग को , प्रबंध निदेशक ने खरीदा।
उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय धरोहर है और भविष्य में इसे आम जनता के दर्शन के लिए उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।


1890 के दशक की अमर कृति

“यशोदा और कृष्ण” पेंटिंग 1890 के दशक में बनाई गई थी, जो भगवान कृष्ण के बाल्यकाल और माता यशोदा के वात्सल्य प्रेम को बेहद भावनात्मक ढंग से दर्शाती है।
यह कृति के करियर के उत्कर्ष काल की मानी जाती है और उनकी सबसे महत्वपूर्ण रचनाओं में शामिल है।


कौन थे राजा रवि वर्मा?

(जन्म: 29 अप्रैल 1848, केरल) भारत के महान चित्रकारों में से एक थे।

  • उन्होंने रामायण और महाभारत की कहानियों को जीवंत चित्रों में उतारा
  • भारतीय विषयों को यूरोपीय शैली में प्रस्तुत कर नई पहचान दी
  • अपनी कला को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रिंटिंग प्रेस की शुरुआत की

आज भी देवी-देवताओं की कई लोकप्रिय छवियों में उनकी कला की झलक देखने को मिलती है।


 निष्कर्ष:
“यशोदा और कृष्ण” की यह ऐतिहासिक बिक्री न सिर्फ भारतीय कला के मूल्य को वैश्विक स्तर पर स्थापित करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि हमारी सांस्कृतिक विरासत आज भी कितनी अनमोल और प्रासंगिक है।

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