(CG ई खबर | प्रमुख संपादक ओम प्रकाश पटेल)
कोरबा / छत्तीसगढ़ : कोरबा की धरती पर पहली बार पहुंचे का अनोखा और भावुक अंदाज देखने को मिला, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। कथा स्थल से लेकर उनके विश्राम स्थल अग्रसेन भवन कटघोरा तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। हर कोई बाबा के सानिध्य की एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आया।
इसी बीच ग्राम ढपढप की एक वृद्ध महिला की साधारण सी इच्छा ने एक खास पल को जन्म दिया। रास्ते से गुजरते वक्त बाबा की नजर उस वृद्धा पर पड़ी थी, तब उन्होंने उसके घर आकर चाय पीने का वादा किया था।
कथा के चौथे दिन, जब बाबा ने दोपहर 1 बजे कथा प्रारंभ करने की घोषणा की थी, तो वे करीब आधे घंटे देर से पहुंचे। लेकिन इस देरी की वजह ने सभी को भावुक कर दिया। कथा स्थल पहुंचने से पहले बाबा सीधे उस वृद्ध महिला के घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया।
जैसे ही बाबा का काफिला गांव में रुका, वहां लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। वृद्धा के परिवार को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि बाबा उनके घर आएंगे, लेकिन दादी को पूरा विश्वास था कि “बाबा ने कहा है, तो जरूर आएंगे।”
बाबा ने दादी के घर की खाट पर बैठकर पूरे परिवार से आत्मीय बातचीत की। हंसी-ठहाकों के बीच फोटो खिंचवाई और उन्हें बागेश्वर धाम आने का न्योता भी दिया। इस दौरान बाबा ने वहां चाय भी पी, जिससे पूरा परिवार भावुक और आनंदित नजर आया।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बाबा ने ऊंच-नीच, भेदभाव और जाति-पाति से ऊपर उठकर सभी को समान सम्मान देने का संदेश दिया है। वृद्धा का परिवार खुद को इस पल के लिए धन्य मान रहा है।


