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टेंडर पारदर्शिता को लेकर घमासान: “लड़ाई विकास बनाम राजनीति की नहीं, नियमों और गुणवत्ता की जाँच की है” — विपक्षी पार्षद


(CG ई खबर | प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल)

छत्तीसगढ़ / कोरबा : कोरबा जिले के नगर पालिका परिषद बाँकी मोंगरा में इन दिनों टेंडर प्रक्रिया को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। विपक्षी पार्षदों ने पालिका द्वारा जारी निर्माण कार्यों के टेंडर में पारदर्शिता की कमी, नियमों के उल्लंघन और घटिया गुणवत्ता के आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है।

पालिका पार्षद तेजप्रताप सिंह, बाल्की कुजूर, आशा साहू, संदीप डहरिया और तालिका साहू द्वारा जारी संयुक्त बयान में स्पष्ट कहा गया है कि यह लड़ाई किसी विकास बनाम राजनीति की नहीं, बल्कि टेंडर प्रक्रिया में नियमों के पालन, शासन के पैसों के सही उपयोग और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच की है।

“लेटरबाजी नहीं, हो निष्पक्ष जांच”

पार्षदों ने आरोप लगाया कि पालिका में “लेटरबाजी का खेल” चल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन के आरोप गलत हैं, तो टेंडर जारी करने और खोलने की तारीख सार्वजनिक की जानी चाहिए। साथ ही टेंडर खोलने की तारीख बार-बार बढ़ाए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।

घटिया निर्माण पर उठे सवाल

संयुक्त बयान में यह भी कहा गया कि कई वार्डों में खराब निर्माण कार्यों की शिकायत के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया, बल्कि संबंधित कार्यों के बिल भी जारी कर दिए गए। पार्षदों ने चौपाटी, चंडी मंदिर क्षेत्र और 4 नंबर खदान से पुरेना तक की सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करते हुए जांच की मांग की है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज

बयान में पार्षदों ने प्रमोद सोना पर भी पलटवार करते हुए कहा कि किसी को अपराधी प्रवृत्ति का बताने से पहले तथ्यों को स्पष्ट करना चाहिए। साथ ही फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आरोपों को पहले सिद्ध करने की बात कही गई।

तीसरी एजेंसी से जांच की मांग

पार्षदों ने मांग की है कि पिछले डेढ़ वर्षों में हुए सभी विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच किसी स्वतंत्र तीसरी एजेंसी से कराई जाए। साथ ही पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कराए जाने की मांग भी रखी गई है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

“दबाव की राजनीति का आरोप”

विपक्षी पार्षदों का आरोप है कि यह पूरा मामला दबाव की राजनीति को दर्शाता है, जहां विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि नेता प्रतिपक्ष की लड़ाई मनमानी और दबाव की राजनीति के खिलाफ है।

फिलहाल नगर पालिका बाँकी मोंगरा में टेंडर और विकास कार्यों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है और जांच की मांग पर क्या कार्रवाई होती है।

(प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर)

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