(CG ई खबर | कोरबा जिला संवाददाता : नारायण चंद्राकर)
कोरबा, छत्तीसगढ़। 16 अप्रैल 2026 शहर एवं प्रदेश में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान के तहत जनजागरूकता कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं। स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
इसी तारतम्य में गुरुवार को साइबर थाना रामपुर में थाना प्रभारी ललित कुमार चंद्रा द्वारा जिले के विभिन्न बैंकों और फाइनेंस कंपनियों के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान उप निरीक्षक अजय सोनवानी, डेमन ओग्रे, प्रशांत सिंह सहित थाना स्टाफ भी उपस्थित रहे।
बैठक में ऑनलाइन ठगी, फर्जी लोन ऐप, डिजिटल पेमेंट फ्रॉड जैसे गंभीर मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। थाना प्रभारी ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी नए-नए हथकंडे अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। केवाईसी अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी, ओटीपी साझा करवाकर बैंक खातों से रकम निकालना और फर्जी कॉल के माध्यम से लोन ऑफर देना प्रमुख अपराधों में शामिल हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने ग्राहकों को समय-समय पर जागरूक करें तथा किसी भी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी तत्काल साइबर थाना को उपलब्ध कराएं। साथ ही बैंकिंग सिस्टम को और अधिक सुरक्षित बनाने, संदिग्ध खातों की निगरानी बढ़ाने एवं नियमित ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए गए।
थाना प्रभारी श्री चंद्रा ने स्पष्ट किया कि यदि किसी बैंक या फाइनेंस कंपनी द्वारा लापरवाही बरती जाती है या साइबर अपराध से संबंधित मामलों में सहयोग नहीं किया जाता है, तो संबंधित संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
👉 पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ऐप पर विश्वास न करें और अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने से संपर्क करें।

