(CG ई खबर | दर्री ब्लॉक रिपोर्टर: सरस्वती मरकाम)
छत्तीसगढ़ / कोरबा जिले में श्रमिक आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को कोरबा में ठेका मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर काम बंद कर दिया और गेट नंबर-2 के सामने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मजदूरों का कहना है कि उन्हें 8 घंटे की ड्यूटी के बाद अतिरिक्त समय का ओवरटाइम (OT) दिया जाए और केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित दर के अनुसार वेतन भुगतान किया जाए। आंदोलन में शामिल श्रमिकों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
बताया जा रहा है कि एनटीपीसी में कार्यरत विभिन्न ठेका कंपनियों के मजदूर एकजुट होकर इस आंदोलन में शामिल हुए हैं, जिससे प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। कुछ मजदूरों को बातचीत के लिए गेट के अंदर बुलाया गया, लेकिन अधिकांश श्रमिक अपने रुख पर अड़े रहे।
हालांकि मजदूर कैमरे के सामने खुलकर कुछ भी कहने से बचते नजर आए, लेकिन अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने बताया कि केंद्रीय मानदेय दर लागू करने, ओटी और अन्य सुविधाओं की मांग लंबे समय से लंबित है।
गौरतलब है कि इससे पहले कोरबा और (बालको) में भी इसी तरह की मांगों को लेकर श्रमिक आंदोलन हो चुका है। अब एनटीपीसी कोरबा में शुरू हुआ यह आंदोलन पूरे औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ते श्रमिक असंतोष का संकेत माना जा रहा है।

