(CG ई खबर | प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल)
बताया जा रहा है कि सीसी रोड की मोटाई जहां लगभग 5 से 6 इंच होनी चाहिए थी, वहीं कई स्थानों पर केवल 2 से 3 इंच मोटाई में ही सीमेंट-कंक्रीट डालकर खानापूर्ति की जा रही है। आरोप है कि निर्माण एजेंसी द्वारा लागत कम कर कमीशन बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, जिससे सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय मजदूरों ने दावा किया कि निर्माण स्थल पर इंजीनियर की मौजूदगी के बावजूद कम मोटाई वाले कार्य को नजरअंदाज किया गया। इससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि पूरे निर्माण कार्य में मिलीभगत के साथ गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि नगर पालिका दर्री में टेंडर के नाम पर हो रहे कई विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित रह जाते हैं और जमीनी स्तर पर मानकों की खुली अनदेखी की जाती है। लोगों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी आंख बंद कर बैठे हुए हैं, जिसके कारण ठेकेदार मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे।
स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में जनता के पैसों का दुरुपयोग न हो और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जा सके।


