अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनावपूर्ण माहौल के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने ईरान की ओर से भेजे गए शांति प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने ईरान के प्रतिनिधियों का जवाब पढ़ा है, लेकिन यह प्रस्ताव उन्हें स्वीकार नहीं है और इसे मानना संभव नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को एक नया शांति प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव में युद्धविराम लागू करने, होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने की मांग शामिल थी। इसके जवाब में अमेरिका ने भी इस सप्ताह ईरान को 14 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा था।
अमेरिका की ओर से रखी गई प्रमुख शर्तों में 12 वर्षों तक यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाने और 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंपने की मांग शामिल थी। अमेरिकी प्रस्ताव में यह भी कहा गया था कि यदि ईरान इन शर्तों को स्वीकार करता है तो उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है और फ्रीज की गई संपत्तियों को भी जारी किया जाएगा।
हालांकि, ईरान की ओर से आए नए प्रस्ताव को अमेरिका ने अस्वीकार कर दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिकी सीनेटर ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसकी भूमिका का पुनर्मूल्यांकन किया जाना चाहिए। ग्राहम ने दावा किया कि युद्धविराम वार्ता के बाद पाकिस्तान ने ईरानी विमानों को पनाह दी थी। उन्होंने कहा कि यदि यह रिपोर्ट सही है तो यह किसी के लिए भी आश्चर्य की बात नहीं होगी।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका-ईरान के बीच जारी टकराव अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

