(CG ई खबर प्रमुख संपादक ओम प्रकाश पटेल)
दीपका/कोरबा। दीपका क्षेत्र में कोयला उत्खनन और परिवहन से फैल रहे अत्यधिक प्रदूषण की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की क्षेत्रीय टीम ने दीपका खदान का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं, जिस पर SECL प्रबंधन को तत्काल व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए गए।
जानकारी के अनुसार, लंबे समय से आम नागरिकों एवं मीडिया के माध्यम से यह शिकायत सामने आ रही थी कि SECL दीपका क्षेत्र में डस्ट कंट्रोल को लेकर लापरवाही बरत रहा है। पर्यावरण मंडल द्वारा करीब दो माह पूर्व भी नोटिस जारी किया गया था, लेकिन हालात में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर 07 मई को टीम ने मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान थाना चौक से श्रमिक चौक तक की सड़कों का अवलोकन किया गया, जहां भारी मात्रा में उड़ती धूल और प्रदूषण पाया गया। टीम ने खराब पड़े स्प्रिंकलर एवं निष्क्रिय व्हील वाशिंग सिस्टम को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई। साथ ही ठेकेदारी प्रथा के तहत किए जा रहे पानी छिड़काव को केवल औपचारिकता न बनाकर प्रभावी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
वहीं चैनपुर-गांधीनगर से सटी दीपका रेलवे साइडिंग में भी भारी अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कोयले को बिना गीला किए ही सूखा लोड किया जा रहा था, जिससे आसपास का पूरा क्षेत्र धूल के गुबार से प्रभावित हो रहा है। इस पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने कड़ी नाराजगी जताते हुए एक माह के भीतर स्प्रेगन और स्प्रिंकलर सिस्टम स्थापित करने का अल्टीमेटम दिया है।
निरीक्षण के दौरान मौजूद पर्यावरण विभाग के सांसद प्रतिनिधि ने कहा कि दीपका क्षेत्र में कोयला परिवहन के कारण कोल डस्ट की ऐसी चादर फैली रहती है मानो पूरा शहर कोहरे से ढका हो। यह आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि जनहित में प्रदूषण नियंत्रण के सभी मानकों का पालन अनिवार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी, सांसद प्रतिनिधि, SECL दीपका के पर्यावरण एवं सिविल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समयावधि के भीतर सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


