(CG ई खबर | प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल)
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए 1 जुलाई से बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। एक ओर बिजली की दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी होगी, वहीं दूसरी ओर तय तारीख के बाद बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं से अब प्रतिदिन 0.04% की दर से ब्याज वसूला जाएगा।
राज्य विद्युत नियामक आयोग के नए निर्देशों के अनुसार अब देरी से बिल जमा करने पर पहले की तरह पूरे महीने की एकमुश्त लेट फीस नहीं लगेगी। इसके बजाय जितने दिन की देरी होगी, उतने दिनों के हिसाब से ब्याज की गणना की जाएगी। आयोग का कहना है कि यह व्यवस्था अधिक पारदर्शी और तर्कसंगत होगी तथा समय पर बिल भुगतान को बढ़ावा देगी।
बिजली दरों में भी होगी बढ़ोतरी
आयोग द्वारा जारी नए टैरिफ के अनुसार 1 जुलाई से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि होगी। इससे खपत के आधार पर मासिक बिजली बिल में लगभग 30 रुपये से 500 रुपये तक का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
वहीं व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा कृषि उपभोक्ताओं को मिलने वाली कुछ रियायतों और विभिन्न श्रेणियों के पुनर्गठन में भी बदलाव किया गया है।
क्या बदलेगा?
- 1 जुलाई से नई बिजली दरें लागू होंगी।
- घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30–50 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी।
- व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए 20–40 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी।
- बिल की तय तारीख निकलने पर अब प्रतिदिन 0.04% ब्याज देना होगा।
- पूरे महीने की फिक्स लेट फीस की व्यवस्था समाप्त होगी।
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नई व्यवस्था का उद्देश्य बिल भुगतान प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना बताया गया है, लेकिन बढ़ी हुई बिजली दरों और देरी पर लगने वाले दैनिक ब्याज से घरेलू एवं व्यावसायिक दोनों वर्गों के उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।


