दुर्ग-भिलाई। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रदेश में पहली बार 'राशन ATM' (अन्नापूर्ति मशीन) की शुरुआत की जा रही है, जिसके माध्यम से हितग्राही 24 घंटे किसी भी समय अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए राशन दुकान खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश की पहली अन्नापूर्ति मशीन जल्द ही भिलाई के वैशाली नगर स्थित पुराने थाना भवन में शुरू की जाएगी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद राशन लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानी भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। अभी कई बार राशन दुकानों के समय, नेटवर्क की समस्या या अन्य कारणों से हितग्राहियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। नई मशीन से यह प्रक्रिया अधिक तेज और सुविधाजनक होगी।
बायोमेट्रिक से कुछ ही सेकंड में मिलेगा राशन
राशन ATM में हितग्राही को अपना राशन कार्ड नंबर दर्ज करना होगा और आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा। सत्यापन पूरा होते ही स्क्रीन पर पात्रता के अनुसार उपलब्ध राशन की जानकारी दिखाई देगी और मशीन स्वतः निर्धारित मात्रा में चावल उपलब्ध करा देगी। शुरुआती जानकारी के अनुसार मशीन एक बार में अधिकतम 25 किलोग्राम तक राशन वितरित कर सकेगी।
कालाबाजारी पर भी लगेगी रोक
इस नई तकनीक से राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। मशीन से सीधे राशन मिलने के कारण तौल में गड़बड़ी और संभावित कालाबाजारी पर भी अंकुश लगेगा। साथ ही हितग्राहियों का समय बचेगा और वितरण प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी।
महिला स्वसहायता समूह करेंगे संचालन
खाद्य विभाग के अनुसार अन्नापूर्ति मशीन का संचालन महिला स्वसहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार और सशक्तिकरण का अवसर मिलेगा। प्रारंभिक चरण में मशीन सुबह से रात 10 बजे तक संचालित होगी। व्यवस्था सफल रहने पर इसे 24 घंटे के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
इससे पहले गुजरात और ओडिशा में इस प्रकार की खाद्यान्न वितरण मशीनें संचालित की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में भी इसकी टेस्टिंग खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में की जा चुकी है।
यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में प्रदेश के अन्य जिलों में भी राशन ATM की सुविधा शुरू की जा सकती है।


