CG ई खबर डॉनेट

Ads-Google

कुसमुंडा खदान में बड़ा हादसा टला, हाईटेंशन लाइन में फंसा डंपर; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल


कोरबा।
एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना में शनिवार को सुरक्षागत लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया, जहां नीलकंठ कंपनी का एक विशालकाय डंपर ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया। संयोगवश उस समय विद्युत आपूर्ति बंद थी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और डंपर चालक की जान बच गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नीलकंठ कंपनी में कार्यरत डंपर ऑपरेटर लकी यादव (पिता–रामदास यादव), निवासी ग्राम पाली खदान क्षेत्र में कार्य कर रहे थे। इसी दौरान डंपर का ऊपरी हिस्सा ऊपर से गुजर रही बिजली की हाईटेंशन लाइन से टकरा गया और तार डंपर के पिछले टायरों तथा डाला बॉडी के बीच बुरी तरह फंस गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि उस समय बिजली लाइन चालू होती, तो पूरे डंपर में करंट फैल सकता था और ऑपरेटर की जान पर गंभीर खतरा मंडरा सकता था। इस घटना ने खदान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और जोखिम प्रबंधन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप

कर्मचारियों और मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि जहां प्रतिदिन भारी-भरकम डंपरों और मशीनों की आवाजाही होती है, वहां इतनी कम ऊंचाई पर हाईटेंशन लाइन का होना सुरक्षा मानकों के विपरीत है। उनका आरोप है कि संबंधित सुपरवाइजरों और प्रबंधन की लापरवाही के कारण कर्मचारियों की जान जोखिम में पड़ रही है।

घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षा अधिकारियों को सूचित किया गया, जिसके बाद डंपर में फंसे बिजली के तार को सुरक्षित तरीके से अलग करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग

घटना के बाद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि खदान क्षेत्रों में गुजरने वाली बिजली लाइनों की ऊंचाई सुरक्षा मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाए तथा नियमित निरीक्षण कर संभावित खतरों को समय रहते दूर किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Top Post Ad

Below Post Ad

Ads


ads