बिलासपुर। बिलासपुर के सरकंडा स्थित बाल संप्रेक्षण (बाल सुधार) गृह में हुई एक संदिग्ध घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक चर्चाओं के अनुसार, मृतक की पहचान नरेन्द्र खांडे के रूप में बताई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि इस मामले में बाल संप्रेक्षण गृह में बंद चार नाबालिगों की संलिप्तता की आशंका है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस या संबंधित विभाग की आधिकारिक पुष्टि और जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
मामले को लेकर यह भी आरोप सामने आए हैं कि घटना के बाद आरोपी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर अपने साथ ले गए, जिससे साक्ष्य मिटाने की कोशिश किए जाने की आशंका जताई जा रही है। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है, तो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।
बताया जा रहा है कि बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर थी और पूरे परिसर की निगरानी अपेक्षाकृत कम वेतन पर कार्यरत चौकीदार के भरोसे थी। इस घटना ने समाज कल्याण विभाग और संबंधित प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस घटना के बाद एक बार फिर गंभीर अपराध करने वाले नाबालिगों के संबंध में कानून और उनकी आयु सीमा को लेकर बहस तेज हो गई है। कई लोगों का मानना है कि जघन्य अपराधों के मामलों में मौजूदा प्रावधानों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन पर विचार किया जाना चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस तथा संबंधित विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।


