कोरबा। बालको क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में एमबीबीएस छात्र की दर्दनाक मौत के बाद कोरबा मेडिकल कॉलेज के छात्रावास की सुरक्षा, निगरानी और प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद छात्र और अभिभावक हॉस्टल में विद्यार्थियों की उपस्थिति, प्रवेश-निकास व्यवस्था तथा नियमित मॉनिटरिंग को लेकर चिंता जता रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की मांग कर रहे हैं।
मृतक छात्र मेडिकल कॉलेज के बॉयज़ हॉस्टल में रहता था। हादसे के बाद यह सवाल भी सामने आया कि दुर्घटना से एक रात पहले वह हॉस्टल में मौजूद था या नहीं। इस संबंध में हॉस्टल वार्डन तत्काल स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। उनका कहना है कि रजिस्टर और रिकॉर्ड की जांच के बाद ही इसकी पुष्टि की जा सकेगी। इससे हॉस्टल में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और निगरानी प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले भी मेडिकल कॉलेज के एक छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना सामने आ चुकी है। उस समय भी छात्रावास में विद्यार्थियों की काउंसलिंग, सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई प्रश्न उठे थे। अब एक और छात्र की मौत के बाद हॉस्टल प्रबंधन एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।
जानकारी के अनुसार, कुछ विद्यार्थियों ने हॉस्टल में कमरे आवंटित करा रखे हैं, लेकिन वे बाहर रह रहे हैं। यदि यह स्थिति सही पाई जाती है तो छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों का नियमित सत्यापन, उपस्थिति का रिकॉर्ड और आवंटन प्रक्रिया की समीक्षा आवश्यक मानी जा रही है, जिससे वास्तविक जरूरतमंद छात्रों को भी हॉस्टल की सुविधा मिल सके।
वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2022 से 2025 बैच तक के विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कॉलेज का संचालन फिलहाल झगरहा स्थित आईटी कॉलेज परिसर से किया जा रहा है, जहां छात्रावास भी संचालित है। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को देखते हुए अभिभावकों और छात्रों ने सुरक्षा, अनुशासन और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।
इस मामले में हॉस्टल वार्डन ने बताया कि मृतक छात्र हॉस्टल में ही रहता था। घटना से एक रात पहले उसकी उपस्थिति की पुष्टि रिकॉर्ड देखने के बाद ही की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में आने-जाने का समय निर्धारित है और रात 10 बजे के बाद किसी भी छात्र को बाहर जाने की अनुमति नहीं होती। यदि किसी छात्र ने कमरा आवंटित करा रखा है लेकिन वह बाहर रह रहा है, तो ऐसे मामलों की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


