(सरस्वती मरकाम दर्री ब्लॉक रिपोर्टर, CG ई खबर)
कोरबा। जिले के कटघोरा वनमंडल अंतर्गत ग्राम पंचायत झोराघाट स्थित प्राकृतिक पर्यटन स्थल बुनियादी सुविधाओं के अभाव और रखरखाव की अनदेखी के चलते बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर झोराघाट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के दावे तो किए जाते रहे हैं, लेकिन धरातल पर सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पाया है। यहां पहले से उपलब्ध कराई गई बुनियादी सुविधाएं भी बदतर स्थिति में हैं।
अखबार वितरक संघ की कोरबा इकाई के जिला अध्यक्ष विपेन्द्र साहू ने झोराघाट की बदहाल व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस प्राकृतिक स्थल के विकास की ओर न तो संबंधित विभाग ध्यान दे रहा है और न ही जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि यहां पिकनिक मनाने पहुंचने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं की सुविधा के लिए बनाया गया सुलभ कॉम्प्लेक्स रखरखाव के अभाव में जर्जर हो चुका है। इसकी स्थिति ऐसी है कि अब इसका उपयोग करना भी मुश्किल हो गया है।
पीने के पानी का एकमात्र साधन बोरवेल भी खराब
विपेन्द्र साहू ने बताया कि झोराघाट पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए पेयजल की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। यहां पानी के लिए एक बोरवेल स्थापित किया गया है, लेकिन वह भी खराब हो चुका है। यहां तक कि उसका हैंडल भी गायब है। ऐसी स्थिति में पिकनिक मनाने आने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
डीएमएफ की राशि से विकसित किया जा सकता है झोराघाट
विपेन्द्र साहू ने कहा कि झोराघाट प्राकृतिक सौंदर्य का एक बड़ा केंद्र है और पूरा जिला इसे पिकनिक स्पॉट के रूप में जानता है। इसके बावजूद आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण लोग यहां आने से कतराते हैं। उन्होंने कहा कि कोरबा जिले में डीएमएफ के माध्यम से करोड़ों रुपये की राशि विकास कार्यों के लिए आती है। ऐसे में झोराघाट जैसे प्राकृतिक स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने और यहां बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से झोराघाट में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराने, महिलाओं के लिए बने सुलभ कॉम्प्लेक्स की मरम्मत कराने तथा पर्यटकों की जरूरत के अनुरूप आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की मांग की है, ताकि इस प्राकृतिक स्थल को बेहतर पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान मिल सके।


