नकली PhonePe ऐप से 25 से ज्यादा लोगों को बनाया शिकार, दो आरोपी गिरफ्तार

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इंदौर: नकली PhonePe ऐप से लाखों की ठगी, कनाडिया पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को दबोचा

इंदौर। कनाडिया थाना पुलिस ने एक बड़ी ठगी के मामले का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी नकली PhonePe ऐप के जरिए अब तक 25 से अधिक लोगों को लाखों रुपए की चपत लगा चुके हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुरेश परमार और धीरज गोयल के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी विशेष रूप से पेट्रोल पंप, भीड़-भाड़ वाली दुकानों और बुजुर्ग व्यक्तियों को अपना निशाना बनाते थे। नकदी लेनदेन के दौरान ये फर्जी ट्रांजैक्शन स्क्रीन दिखाकर मौके से फरार हो जाते थे।

ऐसे हुआ खुलासा

यह मामला उस समय सामने आया जब एक पेट्रोल पंप कर्मचारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कर्मचारी ने बताया कि आरोपी मेडिकल इमरजेंसी का हवाला देकर उससे 6,000 रुपए नकद ले गए। बाद में जब कर्मचारी ने बैंक स्टेटमेंट चेक किया तो पता चला कि कोई भी ट्रांजैक्शन नहीं हुआ था। जब उसने अपने अन्य साथियों से चर्चा की, तो पता चला कि कई और लोग भी इसी तरह की ठगी का शिकार हो चुके थे।

पुलिस की तत्पर कार्रवाई

शिकायत मिलते ही कनाडिया थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मोबाइल की जांच में पाया गया कि आरोपी Telegram से डाउनलोड की गई नकली PhonePe ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे। यह ऐप असली PhonePe जैसी ही दिखती थी, जिसमें फर्जी ट्रांजैक्शन स्क्रीन बनाई जाती थी। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अब तक 25 से अधिक स्थानों पर इस तरीके से ठगी करना कबूल किया है।

ऐसे करते थे ठगी

  • नकली ऐप में फर्जी ट्रांजैक्शन इंटरफेस बनाते थे।
  • दुकानदारों और पेट्रोल पंप कर्मचारियों को नकद के बदले स्क्रीनशॉट दिखाते थे।
  • भरोसे में लेने के लिए एमरजेंसी या जल्दी में होने का बहाना बनाते थे।
  • लेनदेन के तुरंत बाद वहां से रफूचक्कर हो जाते थे।

PhonePe ठगी से कैसे बचें?

  • हमेशा SMS या ऐप के ऑफिशियल नोटिफिकेशन से ट्रांजैक्शन कन्फर्म करें।
  • किसी भी फर्जी स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें।
  • ट्रांजैक्शन पूरा होने तक नकद न दें
  • संदिग्ध ऐप या फर्जी इंटरफेस पर तुरंत पुलिस को सूचना दें

नकली PhonePe ऐप में क्या था खास?

  • हूबहू असली ऐप जैसा इंटरफेस।
  • फर्जी ट्रांजैक्शन स्कैनर और नाम।
  • असली ऐप की नकल लेकिन कोई पैसा ट्रांसफर नहीं होता

पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और सहयोगियों की भी जांच कर रही है। इस मामले में जल्द ही और खुलासे होने की संभावना है।

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