कोरबा (CG ई खबर | जिला संवाददाता : सत्या पटेल) — कोरबा जिले के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम रामपुर सहित पोंडी उपरोड़ा विकासखंड के सैकड़ों किसानों ने मंगलवार को वन अधिकार पत्र की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लंबे समय से लंबित वन अधिकार पत्र जारी नहीं होने से नाराज किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि वे पिछले तीन पीढ़ियों से जिस भूमि पर निवास कर खेती-किसानी करते आ रहे हैं, उसी भूमि पर आज भी उनका अधिकार अनिश्चित बना हुआ है। धान सहित अन्य फसलों की नियमित पैदावार के बावजूद वन अधिकार पत्र नहीं मिलने के कारण वे समर्थन मूल्य पर धान विक्रय से वंचित हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
किसानों ने आरोप लगाया कि संबंधित फड़ प्रभारी द्वारा फर्जी तरीके से वन अधिकार पत्र बनाए गए हैं, जबकि वास्तविक पात्र किसानों को अब तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है। कई बार आवेदन और शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से मजबूर होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
समाजसेवी एवं एकता परिषद के कार्यकर्ता मनोज कुमार ने बताया कि छत्तीसगढ़ के कई जिलों में वन अधिकार कानून को लेकर आदिवासियों और किसानों का संघर्ष जारी है। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर 2005 से पूर्व जो भी आदिवासी जिस भूमि पर काबिज हैं, उन्हें वन अधिकार अधिनियम के तहत अधिकार पत्र मिलना चाहिए और सरकार को यह अधिकार तत्काल सुनिश्चित करना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान एक ग्रामीण ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पट्टा दिलाने के नाम पर उनसे पैसे लिए गए, लेकिन बाद में पता चला कि दिया गया पट्टा फर्जी है। ग्रामीणों ने ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एसडीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। पोंडी उपरोड़ा एसडीएम मनोज कुमार ने बताया कि पट्टा दिलाने के नाम पर पैसे मांगने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वन अधिकार पट्टा से संबंधित ज्ञापन प्राप्त किया गया है और पात्र किसानों को अधिकार पत्र देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।


