(CG ई खबर | बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ : विजय चौहान)
कोरबा, 27 दिसंबर 2025। जिला पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) दिनेश कुमार नाग ने शनिवार को ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान योजनाओं में शून्य और अत्यंत धीमी प्रगति पर उन्होंने तीखी नाराजगी जाहिर करते हुए सख्त लहजे में अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी।
सीईओ नाग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन मैदानी कर्मचारियों द्वारा अब तक शून्य प्रगति दिखाई गई है, उनके वेतन पर रोक लगाई जाए। वहीं, 20 से अधिक तकनीकी सहायकों एवं नोडल अधिकारियों को लापरवाही के चलते कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं में किसी भी प्रकार की उदासीनता अब स्वीकार नहीं की जाएगी। जनपद पंचायत स्तर पर नियमित समीक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश
1. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G)
- शून्य प्रगति वाले मैदानी कर्मचारियों के वेतन रोकने की कार्रवाई।
- न्यून प्रगति पर 20 से अधिक तकनीकी सहायकों व नोडल अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस।
2. प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN)
- विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) परिवारों के आवासों को प्राथमिकता।
- राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप जिले में कार्यों में तेजी लाने के निर्देश।
- उल्लेखनीय है कि देशभर में इस योजना के तहत 4.90 लाख पक्के मकानों का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 2.38 लाख मकान पूर्ण हो चुके हैं।
3. पीएम सूर्यघर योजना
- पीएम-जनमन आवासों में बिजली मीटर लगाने और सौर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सीएसपीडीसीएल से समन्वय बढ़ाने के निर्देश।
4. जिला खनिज न्यास निधि (DMF)
- सभी स्वीकृत कार्यों में तेजी लाने और निर्माण कार्यों की सतत निगरानी।
- गुणवत्ता पर विशेष ध्यान, क्योंकि कलेक्टर कुणाल दुदावत स्वयं इन कार्यों की समीक्षा करेंगे।
5. महात्मा गांधी नरेगा (MGNREGA)
- आजीविका डबरी निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता।
- तकनीकी प्रणाली और डिजिटल टूल्स के माध्यम से पारदर्शिता।
- एरिया ऑफिसर ऐप के जरिए नियमित निरीक्षण व ऑनलाइन एंट्री अनिवार्य।
6. स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)
- सभी शौचालयों की जियो-टैगिंग शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश।
- सामुदायिक शौचालयों के निर्माण कार्य में तेजी।
7. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM)
- वित्तीय समावेशन से जुड़े प्रकरणों को 15 दिनों के भीतर बैंक स्वीकृति दिलाने के निर्देश।
8. सफलता की कहानियां
- सभी तकनीकी सहायकों को प्रत्येक माह कम से कम 5 उत्कृष्ट कार्यों की सफलता की कहानियां जिला कार्यालय को भेजना अनिवार्य।
स्थानीय निगरानी को मिल रहा राष्ट्रीय समर्थन
सीईओ द्वारा कार्य प्रगति, जवाबदेही और पारदर्शिता पर दिया गया यह सख्त संदेश, पंचायती राज मंत्रालय के राष्ट्रीय अभियान “सबकी योजना, सबका विकास” के अनुरूप है। ई-ग्रामस्वराज और मेरी पंचायत ऐप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से योजनाओं की निगरानी और जनभागीदारी को मजबूत किया जा रहा है।
बैठक में जिले के वरिष्ठ अधिकारी, जनपद पंचायतों के प्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



