(CG ई खबर | कोरबा जिला संवाददाता : नारायण चंद्राकर)
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुटेला की एक महिला ने आबकारी विभाग के एक सब-इंस्पेक्टर और उनकी टीम पर अवैध छापेमारी, मारपीट और रिश्वत मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता बुधवारा बाई धृतलहरें (उम्र 50 वर्ष) का आरोप है कि 20 जनवरी की सुबह करीब 6:30 बजे आबकारी वृत्त बिलासपुर की टीम उनके घर पहुंची और बिना किसी वैध कारण के कथित तौर पर अवैध तरीके से घर में प्रवेश कर तलाशी ली। महिला के अनुसार, टीम ने घर के बाहर बनी लगभग सात फीट ऊंची बाउंड्रीवाल को फांदकर अंदर प्रवेश किया, जबकि उस समय परिवार के सभी सदस्य घर में मौजूद थे।
पीड़िता का कहना है कि तलाशी के दौरान घर से किसी भी प्रकार की शराब या मादक पदार्थ की बरामदगी नहीं हुई, इसके बावजूद उनके बेटे दीपक कुमार धृतलहरें को जबरन अपने साथ ले जाया गया और झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि बाद में जब पीड़िता अपनी बेटी, छोटे बेटे और ग्राम पंचायत कुटेला के सरपंच के साथ आबकारी कार्यालय पहुंची, तो वहां कथित तौर पर दोनों बेटों के साथ मारपीट की गई और उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। आरोप है कि उन्हें कार्यालय परिसर में जबरन बैठाकर रखा गया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि आबकारी विभाग की एसआई ऐश्वर्या मिंज द्वारा मामले को रफा-दफा करने के एवज में दो लाख रुपये की मांग की गई। जब पीड़िता ने पैसे देने से इनकार किया तो कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया।
पीड़िता का कहना है कि आबकारी विभाग के अधिकारियों की इस कथित मनमानी से उनका परिवार भय और मानसिक तनाव में है। उन्होंने प्रशासन से दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, मामले की स्वतंत्र जांच तथा परिवार को न्याय और सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
फिलहाल, मामले में आबकारी विभाग या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
CG ई खबर इस पूरे मामले पर प्रशासन की कार्रवाई और जांच की प्रगति पर नजर बनाए हुए है।

