कोरबा मुआवज़ा घोटाला: CBI जांच तेज़, करोड़ों की धोखाधड़ी में आरोपियों की गिरफ्तारी कब? जनता की निगाहें शासन पर

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✍️ CG ई खबर | प्रमुख संपादक ओमप्रकाश पटेल 

बड़ी खबर: कोरबा मुआवजा घोटाला – CBI की छापेमारी से हड़कंप, करोड़ों की धोखाधड़ी में गिरफ्तारी की मांग तेज़

कोरबा। एसईसीएल और राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से रचे गए करोड़ों के मुआवजा घोटाले में अब जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। श्यामु (खुशाल) जायसवाल और राजेश जायसवाल पर दर्ज आर्थिक आपराधिक षडयंत्र का मामला गंभीर मोड़ ले चुका है। दोनों के साथ-साथ एसईसीएल के जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों पर भी समान धाराओं में अपराध पंजीबद्ध हो चुका है।

पिछले दिनों सीबीआई टीम ने ग्राम मलगांव और रलिया में जांच तेज करते हुए महत्वपूर्ण दस्तावेज, भूमि अभिलेख और मुआवजा से संबंधित फाइलों की गहन पड़ताल की। सीबीआई की सक्रियता से घोटाले में शामिल अफसरों और बिचौलियों के हाथ-पांव फूल गए हैं।


3 करोड़ 44 लाख का मुआवजा घोटाला पुष्ट – बड़े खेल का हुआ खुलासा

जांच में पाया गया कि खुशाल जायसवाल और राजेश जायसवाल ने—

  • सरकारी जमीन और दूसरों की जमीन पर बने कथित घरों के नाम पर
  • बार-बार फर्जी मुआवजा क्लेम किया,
  • और सरकारी खजाने को 3 करोड़ 44 लाख रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया।

ACB/CBI की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि—

  • कई फर्जी दावे 7 बार से अधिक अलग-अलग परिवारजनों के नाम पर किए गए,
  • और कुल मिलाकर 1 करोड़ 83 लाख से अधिक की राशि नियमों के विपरीत हासिल की गई।

क्या कहता है नियम? – CBA एक्ट का स्पष्ट उल्लंघन

CBA एक्ट की धारा 9(1) के अनुसार—

  • किसी भी पात्र दावेदार को कम से कम 5 साल में 6 महीने प्रोजेक्ट एरिया में रहना अनिवार्य है।
  • लेकिन आरोपियों ने गलत शपथ-पत्र देकर यह दावा किया कि उनके नाम पर अधिग्रहित क्षेत्र में कोई अन्य घर नहीं है।

जांच में खुलासा हुआ कि जिन घरों के आधार पर मुआवजा लिया गया—

  • वे 2004, 2009 और 2010 के सरकारी नोटिफिकेशन के बाद नए बनाए गए,
  • यानी ये संपत्तियाँ मूल रूप से मुआवजा पात्र थीं ही नहीं।

इसके बावजूद एसईसीएल के कुछ अधिकारियों ने बिना सत्यापन के मुआवजा पास कर दिया। इससे उनकी भूमिका गंभीर संदेह के घेरे में है।


दर्ज अपराध – IPC और PC Act के तहत मुकदमा

खुशाल जायसवाल, राजेश जायसवाल और एसईसीएल के अज्ञात लोकसेवकों पर—

  • IPC 120-B (साजिश)
  • IPC 420 (जालसाजी)
  • PC Act 13(1)(A), 13(2)
    के तहत नियमित आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है।


CBI की ताज़ा कार्रवाई – दो ठिकानों पर छापेमारी से मचा हड़कंप

सोमवार सुबह 6 बजे सीबीआई ने कोरबा में दो बड़े ठिकानों पर छापे मारे।
⭕ हरदी बाजार स्थित श्यामू (खुशाल) जायसवाल, इंटक जिला अध्यक्ष
⭕ दीपका के कटघोरा रोड स्थित व्यवसायी राजेश जायसवाल

दोनों के घर और दफ्तर में महत्वपूर्ण फाइलें, कंप्यूटर, हार्डडिस्क और बैंक संबंधित दस्तावेजों की तलाशी ली जा रही है।

दोनों ठिकानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। CBI अभी तक इस कार्रवाई पर कोई आधिकारिक बयान देने से बच रही है।


अपात्र लोगों को लाभ – असली प्रभावित हुए परेशान

मुआवजा वितरण से जुड़े कई शिकायतकर्ताओं का कहना है कि:

  • वास्तविक प्रभावित परिवारों को पूरा मुआवजा नहीं मिला,
  • और बिचौलियों ने अपात्र लोगों को गैरकानूनी तरीके से लाभ दिलाया

जांच में यह आशंका मजबूत हो गई है कि यह घोटाला किसी एक या दो लोगों का नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा है।


जनता और CG ई खबर की निगाहें शासन पर – गिरफ्तारी कब?

CBI के छापों और भारी दस्तावेजी सबूतों के बाद अब बड़ा सवाल यह है—

शासन-प्रशासन आरोपियों को कब गिरफ्तार करेगा?

मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
CG ई खबर इस घोटाले की लगातार निगरानी कर रहा है और जनता भी इस पर कड़ी नज़र बनाए हुए है।

आने वाले दिनों में किसी भी समय गिरफ्तारियां संभव हैं।

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