सीबीआई का बड़ा छापा: नक्सलगढ़ बीजापुर में डाक विभाग के चार कर्मचारी रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

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बीजापुर (CG ई खबर | कटघोरा ब्लॉक संवाददाता: पिंकी महंत)

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए डाक विभाग के चार कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बुधवार, 24 दिसंबर 2025 की शाम बीजापुर नगर स्थित एक होटल में की गई, जिससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया।


गिरफ्तारी और बरामदगी

सीबीआई द्वारा की गई इस ट्रैप कार्रवाई में डाक विभाग के निम्न कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है—

  • शास्त्री कुमार पैंकरा – डाक उप-संभागीय निरीक्षक (SDI)
  • मालौथ शोभन – डाक अधिदर्शक (Mail Overseer)
  • अंबेडकर सिंह – डाक अधिदर्शक (Mail Overseer)
  • संतोष एंड्रिक – ग्रामीण डाक सेवक (ABPM)

छापे के दौरान आरोपियों के पास से 40,000 से 50,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जिसे रिश्वत की रकम बताया जा रहा है। यह कार्रवाई शाम करीब 8:00 से 8:30 बजे के बीच बीजापुर नगर के ताज होटल में अंजाम दी गई।

पद का दुरुपयोग कर संगठित भ्रष्टाचार

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि डाक विभाग के भीतर यह भ्रष्टाचार एक संगठित नेटवर्क के रूप में वर्षों से संचालित हो रहा था। कर्मचारियों से विभिन्न कार्यों के बदले अवैध वसूली की जा रही थी, जिनमें शामिल हैं—

  • नई नियुक्ति एवं स्थानांतरण
  • शाखा कार्यालय (BO) का निरीक्षण
  • दोहरे भत्ते व सेवा संबंधी प्रकरण
  • अन्य प्रशासनिक कार्य

रिश्वत न देने वाले कर्मचारियों के कार्य जानबूझकर लंबित रखे जाते थे या उन्हें मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता था।

पीड़ित कर्मचारियों के गंभीर आरोप

सीबीआई को इस कार्रवाई से पहले कई कर्मचारियों की लिखित शिकायतें प्राप्त हुई थीं। कुछ पीड़ितों ने मीडिया के समक्ष खुलकर आरोप लगाए—

  • ब्रांच पोस्टमास्टर रविंद्र (दुगोली) ने बताया कि वर्ष 2023 में उनकी नियुक्ति के समय उनसे 5,000 रुपये लिए गए थे। नियुक्ति, रिलीविंग और ट्रांसफर के लिए 15,000 रुपये तक की मांग की जाती थी और करीब 37 कर्मचारियों से पैसे वसूले गए।
  • एक अन्य शिकायतकर्ता जी. चंदूलाल ने आरोप लगाया कि एक माह की छुट्टी स्वीकृत कराने के लिए पहले 12,000 रुपये लिए गए और बाद में SDI द्वारा 15,000 रुपये की अतिरिक्त मांग की गई।

पीड़ित कर्मचारियों का कहना है कि भय और दबाव के चलते वे पहले सामने नहीं आ सके, लेकिन अब एकजुट होकर शिकायत कर रहे हैं।

जांच का दायरा बढ़ा

सीबीआई ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है—

  • आरोपियों के दस्तावेज़, बैंक खाते और मोबाइल कॉल डिटेल खंगाले जा रहे हैं।
  • चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है।
  • आशंका जताई जा रही है कि इस भ्रष्टाचार में अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं, जिसके चलते जांच का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।

गंभीर चिंता का विषय

बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित जिले में, जहां सरकार विकास और सुशासन पर विशेष ध्यान दे रही है, वहां सार्वजनिक विभाग में इस तरह का भ्रष्टाचार सामने आना बेहद चिंताजनक है। सीबीआई की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।

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