(CG ई खबर | प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल)
नई दिल्ली/रायपुर। केंद्र सरकार ने आगामी जनगणना 2026 के पहले चरण के दौरान नागरिकों से पूछे जाने वाले 33 प्रश्नों की सूची जारी कर दी है। यह चरण 1 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगा। पहले चरण में घर सूचीकरण एवं आवास जनगणना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके लिए प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में 30 दिनों की अवधि तय की गई है। यह अभियान 30 सितंबर 2026 तक चलेगा।
पहले चरण के सर्वेक्षण के दौरान जनगणना अधिकारी घर के स्वामित्व की स्थिति, घर के उपयोग, फर्श और छत में प्रयुक्त सामग्री, कमरों की संख्या तथा परिवार के मुखिया के लिंग से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। इसके अलावा घर की वर्तमान स्थिति और परिवार के सदस्यों की संख्या के बारे में भी विवरण लिया जाएगा।
जनगणना के दौरान नागरिकों से उनके घरों में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी सवाल पूछे जाएंगे। इनमें पीने के पानी का मुख्य स्रोत, रोशनी का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता और उसका प्रकार, अपशिष्ट जल निकासी व्यवस्था, स्नान और रसोई की सुविधा, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन तथा खाना पकाने में उपयोग होने वाले मुख्य ईंधन की जानकारी शामिल है।
इसके साथ ही जनगणना कर्मी घरों में मौजूद रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा, लैपटॉप, कंप्यूटर, टेलीफोन, मोबाइल फोन, स्मार्टफोन जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, वाहनों के प्रकार, घर में उपभोग होने वाले मुख्य अनाज और जनगणना संबंधी संचार हेतु मोबाइल नंबर की जानकारी भी दर्ज करेंगे।
सरकार ने नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी दिया है। इसके तहत गृह सूचीकरण अभियान शुरू होने से ठीक पहले 15 दिनों की अवधि में लोग स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि जनगणना 2026 दो चरणों में आयोजित की जाएगी। अप्रैल से सितंबर 2026 तक घर सूचीकरण एवं आवास जनगणना होगी, जबकि फरवरी 2027 में व्यक्तियों की गणना की जाएगी। सरकार के अनुसार, यह विस्तृत प्रक्रिया देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को समझने और भविष्य की नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगी।











