दीपका। कोरबा जिले के दीपका तहसील कार्यालय से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां शपथ पत्र (एफिडेविट) बनवाने पहुंचने वाले आम लोगों ने नोटरी शुल्क को लेकर नाराजगी जाहिर की है। लोगों का आरोप है कि तहसील परिसर में पदस्थ एकमात्र नोटरी आर.के. राठौर द्वारा शपथ पत्र बनाने के लिए निर्धारित शुल्क से कई गुना अधिक राशि ली जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जहां कोरबा शहर में नोटरी द्वारा शपथ पत्र तैयार करने के लिए करीब 50 रुपये तक शुल्क लिया जाता है, वहीं दीपका तहसील में कथित रूप से 250 से 300 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि तहसील परिसर में केवल एक ही नोटरी उपलब्ध होने के कारण उन्हें मजबूरी में उन्हीं से दस्तावेज तैयार करवाना पड़ता है।
आम जनता का आरोप है कि एकमात्र नोटरी होने का फायदा उठाकर मनमाना शुल्क लिया जा रहा है। लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि निर्धारित शुल्क से अधिक राशि ली जा रही है तो इसकी निगरानी कौन करेगा?
तहसील प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवाल
इस पूरे मामले में दीपका तहसील प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। लोगों का कहना है कि तहसील कार्यालय परिसर में इस तरह की व्यवस्था आखिर किसकी जानकारी और अनुमति से चल रही है। क्या प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है या फिर संबंधित अधिकारियों की अनदेखी के कारण आम जनता को अतिरिक्त शुल्क देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है?
लोगों ने तहसीलदार से मांग की है कि नोटरी शुल्क की जांच कराई जाए और यदि निर्धारित नियमों के विपरीत वसूली हो रही है तो कार्रवाई की जाए। साथ ही तहसील परिसर में अन्य नोटरी की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है, ताकि आम नागरिकों को किसी एक व्यक्ति पर निर्भर न रहना पड़े।
(नोट: संबंधित नोटरी आर.के. राठौर और तहसील प्रशासन का पक्ष इस मामले में सामने नहीं आया है। उनका पक्ष मिलने पर समाचार में शामिल किया जाएगा।)

