बिलासपुर। पारिवारिक विवाद को सुलझाने के लिए आयोजित काउंसिलिंग के दौरान विवाद बढ़ने और मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि सकरी बटालियन द्वितीय वाहनी में पदस्थ हवलदार संजय जोशी ने मध्यस्थता केंद्र में काउंसलरों की मौजूदगी में अपनी पत्नी के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। शिकायत के आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, मूल r1 से गरियाबंद जिले की रहने वाली महिला की शादी वर्ष 2015 में क्रिश्चियन रीति-रिवाज के अनुसार संजय जोशी से हुई थी। महिला के मुताबिक, विवाह के शुरुआती 2-3 वर्ष तक दांपत्य जीवन सामान्य रहा, लेकिन इसके बाद विवाद और कथित मारपीट की स्थिति बनने लगी। वर्ष 2022 से दोनों के बीच पारिवारिक विवाद का मामला फैमिली कोर्ट, बिलासपुर में चल रहा है।
19 अगस्त को रखी गई थी काउंसलिंग
फैमिली कोर्ट, बिलासपुर के अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के आदेश पर पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए 19 अगस्त को मध्यस्थता केंद्र में काउंसलिंग रखी गई थी। दोपहर करीब 1:30 बजे शासकीय अधिवक्ता एवं मध्यस्थ वीरेंद्र शर्मा के समक्ष दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही थी।
इसी दौरान हवलदार द्वारा कथित तौर पर पत्नी से तलाक लेने की बात कही गई। महिला ने इसका विरोध करते हुए आरोप लगाया कि उसके पति ने बिना तलाक लिए दूसरी महिला से शादी कर ली है और उसे कथित तौर पर भरण-पोषण भी नहीं दिया जा रहा है।
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर पत्नी से मारपीट की
महिला के आरोप के अनुसार, दूसरी शादी और भरण-पोषण को लेकर बातचीत के दौरान हवलदार कथित रूप से आक्रोशित हो गया और उसने मध्यस्थता केंद्र में ही गाली-गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना के दौरान मध्यस्थ वीरेंद्र शर्मा, विद्यासागर तिवारी और विनीता जॉर्ज ने बीच-बचाव कर महिला को बचाया।
मारपीट में महिला के बाएं कंधे में चोट आने की बात कही गई है। घटना के बाद महिला ने डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी और सिविल लाइन थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया मामला
शिकायत के आधार पर पुलिस ने सकरी बटालियन में पदस्थ हवलदार संजय जोशी के खिलाफ बीएनएस की धारा 296, 115(2) और 351(3) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।
मध्यस्थता केंद्र में पारिवारिक विवाद के समाधान के लिए चल रही काउंसलिंग के दौरान कथित मारपीट की घटना ने काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। मामले में सामने आए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।



