रोजगार के मुद्दे पर ग्रामीणों का जोर, KNR और गोदावरी कंपनी से जुड़ी रोजगार सूची प्रशासन के सामने रखने की तैयारी
गेवरा बस्ती/बाता/कोरबा। गेवरा बस्ती और बाता क्षेत्र के ग्रामीणों ने 20 सितंबर 2026 को रोजगार सहित विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल और विरोध प्रदर्शन किया। करीब 8 से 9 घंटे तक चले आंदोलन के बाद प्रबंधन की ओर से ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर आगे की कार्रवाई को लेकर सहमति जताई गई।
हड़ताल के दौरान गेवरा बस्ती और बता क्षेत्र के ग्रामीणों के रोजगार एवं भू-विस्थापन से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना से प्रभावित परिवारों को रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए और रोजगार प्रक्रिया में पारदर्शिता रखी जानी चाहिए।
इन जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में उठाया गया मुद्दा
हड़ताल और खोड़री फेस से जुड़े मामले में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी ग्रामीणों के साथ मौजूद रहे।
इस दौरान वार्ड क्रमांक 24 के पार्षद राजकुमार कंवर, वार्ड क्रमांक 26 के पार्षद प्यारेलाल दिवाकर, वार्ड क्रमांक 27 के पार्षद इंद्रजीत बिंझवार, वार्ड क्रमांक 28 के पार्षद श्रवण यादव तथा ग्राम बाता के जन हित मे कार्यरत आदर्श बघेल ने ग्रामीणों के साथ मिलकर रोजगार और अन्य समस्याओं को लेकर अपनी बात रखी।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने विशेष रूप से इस बात को उठाया कि जिन परिवारों की जमीन परियोजना से प्रभावित हो रही है, उन्हें रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
21 सितंबर को अपर कलेक्टर के साथ बैठक का आश्वासन
करीब 8 से 9 घंटे तक चले आंदोलन के बाद प्रबंधन की ओर से सहमति जताई गई कि 21 सितंबर 2026 को कोरबा जिला प्रशासन के अपर कलेक्टर के साथ बैठक आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में रोजगार और ग्रामीणों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा किए जाने की बात कही गई है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की ओर से रोजगार से संबंधित दस्तावेज और सूचियां भी प्रशासन के समक्ष रखने की तैयारी की जा रही है।
KNR और गोदावरी कंपनी से जुड़ी सूची भी होगी पेश
बैठक में KNR कंपनी में रोजगार से संबंधित मांगी गई सूची अपर कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है।
इसके साथ ही गोदावरी कंपनी के बंद होने से पहले वहां रोजगार/कार्यरत कर्मचारियों से संबंधित सूची भी प्रशासन के सामने रखी जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि इन सूचियों के आधार पर यह स्पष्ट किया जा सकेगा कि रोजगार प्रक्रिया में किन लोगों को अवसर दिया गया और प्रभावित परिवारों की स्थिति क्या रही।
रोजगार के साथ अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि मामला केवल रोजगार तक सीमित नहीं है। भू-अधिग्रहण, प्रभावित परिवारों के अधिकार और वर्षों से लंबित मामलों को लेकर भी प्रशासन और SECL प्रबंधन से स्पष्ट कार्रवाई की मांग की जा रही है।
ग्रामीणों की मांग है कि प्रभावित परिवारों को उनकी जमीन और विस्थापन के आधार पर रोजगार में प्राथमिकता मिले तथा रोजगार प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित हो।
अब 21 सितंबर की बैठक पर टिकी नजर
8 से 9 घंटे की हड़ताल के बाद प्रबंधन की ओर से बैठक के लिए सहमति मिलने के बाद अब गेवरा बस्ती और बता क्षेत्र के ग्रामीणों की नजर 21 सितंबर 2026 को होने वाली बैठक पर है।
बैठक में रोजगार से जुड़ी सूचियां प्रशासन के समक्ष रखे जाने के बाद क्या निर्णय सामने आता है और प्रभावित परिवारों की मांगों पर क्या कार्रवाई होती है, यह देखने वाली बात होगी।
CG ई खबर इस पूरे मामले में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, SECL प्रबंधन और जिला प्रशासन के पक्ष को प्रमुखता से सामने लाते हुए आगे के घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
रिपोर्ट: CG ई खबर
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