जांजगीर-चांपा। जिले में एक आपराधिक प्रकरण की विवेचना के दौरान गंभीर प्रक्रियात्मक लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) ने कार्रवाई की है। मामले में विवेचक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) रामकृष्ण आदित्य को थाना नवागढ़ से रक्षित केंद्र संबद्ध किया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
नामजद आरोपी की जगह भाई को बनाया गया आरोपी
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अपराध क्रमांक 196/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 125(1) के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच में यह बात सामने आई कि प्रकरण में नामजद आरोपी चंद्रशेखर यादव उर्फ मंझला, निवासी ग्राम गंगाजल के स्थान पर उसके भाई चंद्र कुमार यादव को आरोपी के रूप में प्रकरण में शामिल कर दिया गया और उसे जमानत मुचलके पर छोड़ दिया गया।
जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही मिलने पर कार्रवाई
मामले की जांच के दौरान विवेचना कार्यवाही में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने संबंधित विवेचक के खिलाफ कार्रवाई की। सउनि रामकृष्ण आदित्य को थाना नवागढ़ से रक्षित केंद्र संबद्ध किया गया है।
इसके साथ ही पूरे मामले में जिम्मेदारी और विवेचना की प्रक्रिया की जांच के लिए विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
विभागीय जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
पुलिस विभाग की ओर से की गई विभागीय जांच में यह स्पष्ट होगा कि प्रकरण में आरोपी की पहचान और विवेचना की कार्रवाई में गलती किन परिस्थितियों में हुई तथा इसके लिए किस स्तर पर जिम्मेदारी निर्धारित होती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे प्रथम दृष्टया विवेचना में लापरवाही माना गया है।
स्रोत: 21 सितंबर 2026 को प्रकाशित ऑनलाइन रिपोर्ट में मामले की यही जानकारी दी गई है।
नोट: पुलिस कार्रवाई/विभागीय जांच के अंतिम निष्कर्ष के संबंध में आगे की आधिकारिक जानकारी आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।

