पेंड्रा/गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। ग्राम पंचायत लालपुर में प्रस्तावित महतारी सदन भवन के निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। मामले में युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय सह सचिव प्रीति मांझी, उनके पिता कलीराम मांझी और मां के खिलाफ गौरेला थाना पुलिस ने FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, मामला शासकीय कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोपों से जुड़ा है।
30 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित है महतारी सदन
जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत लालपुर में खसरा नंबर 6/1 और 8/1 की भूमि पर छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी सदन योजना के तहत भवन निर्माण प्रस्तावित है। इसकी लागत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है। निर्माण प्रक्रिया के तहत स्थल पर प्रारंभिक सफाई के बाद भवन के ले-आउट का काम कराया जा रहा था।
19 सितंबर को ले-आउट के दौरान हंगामे का आरोप
शिकायत के अनुसार, 19 सितंबर 2026 को इंजीनियर और शासकीय अमले की मौजूदगी में भवन निर्माण के लिए ले-आउट का कार्य चल रहा था। इसी दौरान प्रीति मांझी अपने माता-पिता के साथ मौके पर पहुंचीं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस दौरान हंगामा किया गया और पंचायत प्रतिनिधियों तथा शासकीय कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कथित धमकी और विवाद के कारण निर्माण कार्य को रोकना पड़ा। इससे पहले 3 सितंबर को सफाई कार्य के दौरान भी काम रुकवाने की शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जमीन के स्वामित्व को लेकर भी विवाद
मामला जिस जमीन से जुड़ा है, उसके संबंध में उपलब्ध रिपोर्टों में राजस्व अभिलेखों का हवाला दिया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक संबंधित भूमि को शासकीय स्वामित्व की बताया गया है और राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी की जांच में प्रीति मांझी अथवा उनके परिवार के वैध अधिकार या कब्जे की पुष्टि नहीं होने की बात कही गई है। हालांकि, भूमि संबंधी दावे और विवाद की अंतिम स्थिति संबंधित राजस्व/न्यायिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
गौरेला पुलिस ने पंचायत सचिव अंजनी कुमार यादव और सरपंच इंदरनिया बाई की लिखित शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 296 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किए जाने की जानकारी दी है। रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
महत्वपूर्ण: FIR में लगाए गए आरोप अभी आरोप मात्र हैं। आरोपों की पुष्टि या दोष तय होना जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। संबंधित पक्ष का बयान/पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना उचित होगा।

