CG ई खबर डॉनेट

Ads-Google

शिक्षक दिवस पर कलेक्टर बने शिक्षक, विद्यार्थियों को पढ़ाया मेहनत और अनुशासन का पाठ


कोरबा, 5 सितंबर 2026।
शिक्षक दिवस के अवसर पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने प्रधानमंत्री एकलव्य आवासीय विद्यालय, छुरी का आकस्मिक निरीक्षण किया और विद्यार्थियों के बीच शिक्षक की भूमिका निभाते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन, दृढ़ निश्चय और लक्ष्य के प्रति एकाग्रता का महत्व समझाया।

कलेक्टर ने कक्षा-कक्ष में विद्यार्थियों के बीच बैठकर उनसे संवाद किया और कहा कि विद्यार्थी जीवन दोबारा लौटकर नहीं आता। यही समय है जब पूरी मेहनत और लगन से अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता की उम्मीदों को पूरा करने के लिए ईमानदारी से पढ़ाई करने की सलाह दी।

विद्यार्थियों से वन-टू-वन संवाद

कलेक्टर ने कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों से वन-टू-वन चर्चा कर पढ़ाई के साथ भोजन, आवासीय व्यवस्था, पानी और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। कक्षा 12वीं साइंस के विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान उन्होंने फिजिक्स के सवाल हल करने के लिए दिए। निर्धारित समय में सवाल हल नहीं होने पर उन्होंने संबंधित शिक्षक को शिक्षण व्यवस्था में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ाई में किसी विषय को लेकर कठिनाई हो तो शिक्षकों से अपनी शंकाओं का समाधान कराएं और शिक्षकों के मार्गदर्शन का पूरा लाभ उठाएं।


पानी की समस्या जल्द दूर करने के निर्देश

विद्यार्थियों ने विद्यालय में पानी सहित अन्य समस्याओं की जानकारी कलेक्टर को दी। कलेक्टर ने बताया कि क्षेत्र में जलस्तर नीचे जाने के कारण बोर असफल हुए हैं। उन्होंने बताया कि पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नई पाइपलाइन बिछाई जा रही है और जल्द ही समस्या का निराकरण हो जाएगा।

उन्होंने प्राचार्य और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को विद्यालय की अन्य समस्याओं का भी प्राथमिकता से समाधान करने तथा भोजन और आवासीय व्यवस्था में आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।

आठ शिक्षकों की अनुपस्थिति पर जताई नाराजगी

आकस्मिक निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कुछ शिक्षक एवं कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्रीकांत कसेर को अनुपस्थित पाए गए आठ शिक्षकों—दीपेंद्र, तरुण कुमार, तरुण कुमार पैकरा, संदीप राज, संदीप यादव, पवन कुमार, ऊषा एवं अशोक—को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों की शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास की जिम्मेदारी शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

NEET-JEE कोचिंग और उच्च शिक्षा के लिए प्रशासन देगा सहयोग

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि डॉक्टर और इंजीनियर बनने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए NEET और JEE की आवासीय कोचिंग की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा के लिए देश के किसी सरकारी कॉलेज या महत्वपूर्ण संस्थान में चयन होने अथवा व्यावसायिक शिक्षा के लिए शुल्क की आवश्यकता होने पर जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है। अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को देश के महत्वपूर्ण संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जाएगा।

मोबाइल से दूरी, पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह देते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में पढ़ाई सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मोबाइल की लत पढ़ाई और एकाग्रता को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने विद्यालय में मोबाइल नहीं लाने तथा किसी विषय में कठिनाई होने पर मोबाइल के बजाय शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने की बात कही।

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन तत्पर है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपना मोबाइल नंबर उपलब्ध कराते हुए कहा कि आवश्यकता होने पर अपनी समस्याएं विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचाएं।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि “आपका लक्ष्य जितना बड़ा होगा, आपकी मेहनत भी उतनी ही बड़ी होनी चाहिए। आज की मेहनत ही आपके कल का भविष्य तय करेगी।”

इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्रीकांत कसेर सहित विद्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Top Post Ad

Below Post Ad

Ads


ads