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हरदीबाजार भू-विस्थापितों ने टाला 5 अक्टूबर का घेराव, 16 अक्टूबर से CMD कार्यालय में अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी


हरदीबाजार/कोरबा।
SECL द्वारा अधिग्रहित ग्राम हरदीबाजार के भू-विस्थापितों एवं प्रभावित ग्रामीणों की लंबित मांगों को लेकर प्रस्तावित आंदोलन की तारीख में बदलाव किया गया है। SECL प्रबंधन के लिखित अनुरोध और मांगों के समाधान को लेकर सकारात्मक पहल के बाद ग्राम पंचायत हरदीबाजार ने 5 अक्टूबर 2026 को बिलासपुर स्थित CMD कार्यालय के घेराव एवं तालाबंदी आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया है।

अब ग्रामीणों की ओर से 16 अक्टूबर 2026 को बिलासपुर स्थित SECL के CMD कार्यालय के मुख्य द्वार पर आंदोलन प्रस्तावित किया गया है। पंचायत और जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय तक मांगों पर ठोस एवं संतोषजनक निर्णय नहीं हुआ, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन रूप दिया जाएगा।

SECL प्रबंधन ने मांगा अतिरिक्त समय

ग्राम पंचायत हरदीबाजार के अनुसार, भू-विस्थापितों की उचित मुआवजा, रोजगार, पुनर्वास तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित मांगों को लेकर 28 सितंबर 2026 को SECL प्रबंधन को आंदोलन की पूर्व सूचना दी गई थी।

इसके बाद SECL दीपका क्षेत्र के क्षेत्रीय महाप्रबंधक कार्यालय की ओर से पत्र क्रमांक 213, दिनांक 2 अक्टूबर 2026 जारी किया गया। पंचायत के मुताबिक, पत्र में बताया गया कि उच्चाधिकारियों के साथ चर्चा के दौरान कुछ मांगों पर नियमानुसार आंशिक सहमति बनी है। अंतिम निर्णय एवं पूर्ण समाधान के लिए प्रबंधन ने अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया।

15 अक्टूबर तक दिया गया समय

ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर सिंह कंवर एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने प्रबंधन को 15 अक्टूबर 2026 तक का अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया है।

पंचायत का कहना है कि इस अवधि में SECL प्रबंधन को भू-विस्थापितों की लंबित मांगों पर ठोस, लिखित और संतोषजनक निर्णय लेना होगा।

16 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यदि 15 अक्टूबर तक मांगों का समाधान नहीं होता है, तो 16 अक्टूबर 2026 को कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रेमचंद पटेल के नेतृत्व में भू-विस्थापितों एवं प्रभावित ग्रामीणों द्वारा बिलासपुर स्थित SECL CMD कार्यालय के मुख्य गेट पर आंदोलन किया जाएगा।

ग्रामीणों ने इसे अनिश्चितकालीन तालाबंदी एवं शांतिपूर्ण आंदोलन के रूप में आयोजित करने की चेतावनी दी है। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा है कि निर्धारित समय में मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन के लिए SECL प्रबंधन को जिम्मेदार माना जाएगा।

फिलहाल, 5 अक्टूबर का प्रस्तावित घेराव स्थगित कर 15 अक्टूबर तक प्रबंधन को समाधान का अवसर दिया गया है। अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि तय समय सीमा के भीतर SECL प्रबंधन भू-विस्थापितों की मांगों पर क्या निर्णय लेता है।

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