मोबाइल के बकाया पैसे को लेकर हुआ विवाद, लकड़ी के फाड़े से सिर पर वार करने का पुलिस का दावा; शव टेकरी के पीछे फेंका, साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश
जशपुर/बगीचा। बगीचा थाना क्षेत्र के ग्राम जुरगुम-तुर्रापानी के जंगल में मिले अज्ञात युवक के शव के मामले का जशपुर पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान विमड़ा निवासी राजेश दास के रूप में हुई है। हत्या के आरोप में कृष्णा उर्फ कैलाश यादव (30 वर्ष), निवासी झगरपुर, थाना बगीचा को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि दोनों के बीच सेकंड हैंड मोबाइल की खरीद-बिक्री को लेकर ₹1,000 की बकाया राशि के भुगतान को लेकर विवाद चल रहा था।
23 सितंबर को जंगल में मिला था अज्ञात शव
पुलिस के मुताबिक 23 सितंबर 2026 को जुरगुम-तुर्रापानी जंगल क्षेत्र में रपटा पुलिया के पास टेकरी के पीछे एक अज्ञात पुरुष का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। स्थानीय ग्रामीण मनियारो बाई ने शव देखा, जिसके बाद युगल किशोर साय के माध्यम से पुलिस को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा किया। मृतक के सिर के पीछे चोट के निशान और खून मिला था। शुरुआती दौर में मृतक की पहचान नहीं हो सकी। रिपोर्टों के अनुसार बाद में जंगली जानवर द्वारा चेहरा क्षतिग्रस्त किए जाने से पहचान और मुश्किल हो गई थी।
पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। चिकित्सकीय जांच में मौत को हत्यात्मक बताया गया। इसके बाद बगीचा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आया मोबाइल का ₹1,000 बकाया
मृतक की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके परिजनों, परिचितों और दोस्तों से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान कृष्णा उर्फ कैलाश यादव के साथ राजेश दास के विवाद की जानकारी सामने आई।
रिपोर्टों के मुताबिक आरोपी ने राजेश को करीब ₹6,000 में सेकंड हैंड मोबाइल फोन बेचा था, जिसमें राजेश ने कथित तौर पर ₹5,000 का भुगतान कर दिया था और ₹1,000 बाकी थे। इसी बकाया रकम को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था।
कार से जुरगुम रपटा की ओर ले जाने का आरोप
पुलिस की पूछताछ के आधार पर सामने आई कहानी के अनुसार, 23 सितंबर को कृष्णा उर्फ कैलाश यादव, राजेश दास और एक अन्य व्यक्ति कार से निकले थे। रास्ते में तीसरे व्यक्ति को उतारने के बाद आरोपी और राजेश लाल रंग की स्विफ्ट कार से जुरगुम रपटा पुलिया की ओर गए।
पुलिस के अनुसार वहां मोबाइल के बकाया ₹1,000 को लेकर दोनों के बीच फिर विवाद हुआ। इसी दौरान आरोपी ने राजेश को कार से नीचे उतरने को कहा।
लकड़ी के फाड़े से सिर पर दो वार करने का आरोप
पुलिस के मुताबिक जमीन पर पड़े लकड़ी के फाड़े से आरोपी ने राजेश के सिर पर दो बार वार किया, जिससे वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर शव को उठाकर टेकरी के पीछे जंगल में फेंक दिया।
हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने का प्रयास
जशपुर पुलिस के अनुसार वारदात के बाद आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए कथित तौर पर साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया।
जांच में पुलिस ने दावा किया कि:
- घटना में इस्तेमाल लकड़ी का फाड़ा नदी में फेंका गया।
- मृतक का मोबाइल भी नदी में फेंकने की बात सामने आई।
- घटना के समय पहने गए कपड़ों को भी नदी में फेंकने का दावा किया गया।
- घटना में इस्तेमाल लाल रंग की स्विफ्ट कार को धोकर संभावित साक्ष्य हटाने का प्रयास किया गया।
- पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर लाल रंग की स्विफ्ट कार उसके घर से बरामद की।
तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ से आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार मामले की जांच में स्थानीय पूछताछ के साथ तकनीकी साक्ष्यों का भी सहारा लिया गया। मृतक के परिजनों, परिचितों और अन्य लोगों से मिली जानकारी को जोड़ने के बाद कृष्णा उर्फ कैलाश यादव संदेह के दायरे में आया।
पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी को बाद में न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
धारा 103(1) के साथ 238 BNS जोड़ी गई
पुलिस के अनुसार हत्या के मामले में पहले धारा 103(1) BNS के तहत अपराध दर्ज किया गया था। जांच के दौरान साक्ष्य छिपाने/नष्ट करने के प्रयास सामने आने पर धारा 238 BNS भी जोड़ी गई।
पुलिस कार्रवाई में थाना प्रभारी बगीचा निरीक्षक विक्रांत कुमार सोन, सहायक उप निरीक्षक नरेश मिंज सहित थाना बगीचा पुलिस टीम की भूमिका बताई गई है।
नोट: हत्या और साक्ष्य नष्ट करने से जुड़े उपरोक्त तथ्य पुलिस जांच एवं उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में बताए गए आरोप/दावों पर आधारित हैं। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय में साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

