प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्यपाल के अवर सचिव की ओर से जारी पत्र क्रमांक I/666600/2026/6902/शि.प्र., दिनांक 30 सितंबर 2026 पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, अटल नगर को भेजा गया है। पत्र में ग्राम हरदी बाजार निवासी नाबालिग मुस्कान चौहान की आत्महत्या के मामले में आरोपियों तथा थाना हरदी बाजार पुलिस की कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच और वैधानिक कार्रवाई का विषय उठाया गया है।
शिकायत पर राजभवन ने लिया संज्ञान
राजभवन सचिवालय के पत्र के मुताबिक, सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष प्रमोद कुमार बंजारे द्वारा राज्यपाल को संबोधित आवेदन क्रमांक 72, दिनांक 7 सितंबर 2026, आवश्यक कार्रवाई के लिए संलग्न किया गया था। सचिवालय ने पुलिस महानिदेशक से आवेदन पर नियमानुसार आवश्यक जांच कार्रवाई करने तथा की गई कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता और राजभवन सचिवालय को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवाल
इस मामले में परिजनों और सर्व पत्रकार एकता महासंघ की ओर से आरोप लगाया गया था कि मुस्कान चौहान की आत्महत्या के प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई और थाना हरदी बाजार पुलिस की कार्यप्रणाली में लापरवाही बरती गई। इन्हीं आरोपों को लेकर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।
राष्ट्रपति भवन के बाद अब राजभवन की पहल
शिकायतकर्ता के अनुसार, इस प्रकरण को लेकर पहले राष्ट्रपति भवन की ओर से भी छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को कार्रवाई के संबंध में पत्र भेजा जा चुका है। अब राज्यपाल सचिवालय द्वारा पुलिस महानिदेशक को पत्र जारी किए जाने के बाद मामले में आगे की जांच और कार्रवाई को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।
राजभवन के पत्र में जांच की कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है। फिलहाल, इस पत्र के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी या पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई को निश्चित नहीं माना जा सकता। आगे की कार्रवाई संबंधित जांच और सक्षम अधिकारियों के निर्णय पर निर्भर करेगी।
न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने की बात
सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष प्रमोद कुमार बंजारे ने कहा कि नाबालिग मुस्कान चौहान को न्याय दिलाने के लिए वे लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में राष्ट्रपति और राज्यपाल से गुहार लगाई गई थी। राजभवन द्वारा पुलिस महानिदेशक को पत्र जारी किए जाने को उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
बंजारे ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। वहीं, पीड़ित परिवार ने भी न्याय की उम्मीद जताई है।
अब सबकी नजर पुलिस मुख्यालय की अगली कार्रवाई पर है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई से ही स्पष्ट होगा कि इस मामले में किन लोगों की जिम्मेदारी तय होती है और आगे क्या वैधानिक कदम उठाए जाते हैं।

