सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में अक्टूबर 2024 में हुए प्रधान आरक्षक की पत्नी और नाबालिग बेटी के चर्चित दोहरे हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 28 सितंबर 2026 को मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। मामले में अब सजा के बिंदु पर सुनवाई होनी है, जिसके लिए 8 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित होने की जानकारी सामने आई है।
यह वही मामला है, जिसने 13 अक्टूबर 2024 की रात सूरजपुर में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था।
पुलिसकर्मी की पत्नी और बेटी की हुई थी हत्या
मामले के अनुसार, 13 अक्टूबर 2024 की रात सूरजपुर में पुलिस एक आरोपी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान कुलदीप साहू और उसके साथियों से पुलिस का सामना हुआ। पुलिस के मुताबिक, घटनाक्रम के दौरान एक आरक्षक पर गर्म तेल फेंकने और पुलिसकर्मियों को वाहन से कुचलने के प्रयास के आरोप सामने आए।
इसके बाद कुलदीप साहू और उसके साथियों के प्रधान आरक्षक तालिब शेख के घर पहुंचने की बात जांच में सामने आई। उस समय प्रधान आरक्षक ड्यूटी पर थे, जबकि घर में उनकी पत्नी मेहनाज शेख और 11 वर्षीय बेटी आलिया शेख मौजूद थीं।
पुलिस जांच के अनुसार दोनों की हत्या कर दी गई। बाद में दोनों के शव घर से करीब पांच किलोमीटर दूर ग्राम पीढ़ा क्षेत्र में मिले।
घटना के बाद सूरजपुर में भारी आक्रोश फैल गया था। आरोपी के घर और वाहनों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आई थीं।
दुष्कर्म और POCSO से जुड़े आरोप
मामले में मृतका के साथ दुष्कर्म का आरोप भी सामने आया था। शुरुआती जांच के दौरान मेडिकल रिपोर्ट को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई थी। हालांकि मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद 28 सितंबर 2026 को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने हत्या, दुष्कर्म और POCSO Act से जुड़े आरोपों में चार आरोपियों को दोषी करार दिया।
मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल के समक्ष हुई।
चार आरोपियों को अदालत ने ठहराया दोषी
न्यायालय के फैसले के अनुसार दोषी ठहराए गए आरोपियों में—
- कुलदीप साहू
- चंद्रकांत चौधरी उर्फ सीके
- फूल सिंह उर्फ रिंकू
- आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी
शामिल हैं।
अब अदालत इन आरोपियों को किस प्रकार की सजा सुनाती है, इसका फैसला 8 अक्टूबर 2026 को होने वाली सुनवाई में सामने आएगा।
कौन है कुलदीप साहू?
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कुलदीप साहू सूरजपुर के पुराना बाजारपारा का निवासी है। उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी। रिपोर्टों में उसके खिलाफ मारपीट, लूट, अपहरण और आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न मामलों का उल्लेख किया गया है।
कुलदीप साहू को 20 अक्टूबर 2023 को एक वर्ष के लिए जिला बदर किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
घटना के बाद हुई थी गिरफ्तारी
डबल मर्डर की घटना के बाद कुलदीप साहू फरार हो गया था। पुलिस की तलाश के दौरान 15 अक्टूबर 2024 को बलरामपुर जिले में एक यात्री बस से उसे पकड़े जाने की जानकारी पुलिस-आधारित रिपोर्टों में सामने आई थी।
इसके बाद उसे सूरजपुर पुलिस के हवाले किया गया।
कांग्रेस नेताओं के साथ तस्वीरों को लेकर हुआ था विवाद
घटना के बाद कुलदीप साहू की कुछ कांग्रेस नेताओं के साथ तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद भी खड़ा हुआ था। भाजपा नेताओं ने तस्वीरों के आधार पर उसके कांग्रेस और NSUI से संबंध होने के आरोप लगाए थे।
वहीं, NSUI की ओर से उसके संगठन से जुड़े होने से इनकार किया गया था।
इसलिए कुलदीप साहू को सीधे तौर पर “कांग्रेस नेता” बताने के बजाय उसके राजनीतिक संबंधों को लेकर हुए आरोप-प्रत्यारोप के रूप में ही इस तथ्य को प्रस्तुत करना उचित है।
पुलिस विभाग के अंदर भी हुई थी कार्रवाई
मामले की जांच के दौरान एक पुलिस आरक्षक पर आरोपी की मदद करने से संबंधित आरोप सामने आए थे। जांच के बाद उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई और उसे सेवा से बर्खास्त किए जाने की जानकारी रिपोर्टों में सामने आई।
अब 8 अक्टूबर पर टिकी नजरें
सूरजपुर डबल मर्डर केस में अदालत द्वारा चार आरोपियों को दोषी करार दिए जाने के बाद अब अगला महत्वपूर्ण पड़ाव 8 अक्टूबर 2026 है।
इसी दिन अदालत द्वारा दोषियों की सजा के संबंध में फैसला सुनाए जाने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि सजा क्या होगी, यह अदालत के अंतिम आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा।
CG ई खबर की अपील: इस संवेदनशील मामले से जुड़ी जानकारी साझा करते समय अपुष्ट सोशल मीडिया दावों के बजाय पुलिस जांच, न्यायालय के आदेश और आधिकारिक रिकॉर्ड को आधार बनाएं।

