कोरबा में मतदाता सूची से 1 लाख 33 हजार 741 नाम हटे, कुल मतदाताओं का 14.6% प्रभावित

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(CG ई खबर | कटघोरा ब्लॉक संवाददाता : पिंकी महंत)

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया के बाद जारी प्रारूप मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। इस प्रक्रिया के तहत जिले में कुल 1 लाख 33 हजार 741 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 14.6 प्रतिशत है।

चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कराई गई इस गहन जांच का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन करना था, ताकि अपात्र, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें।


नाम काटे जाने के मुख्य कारण

प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के पीछे कई कारण सामने आए हैं—

  • स्थान परिवर्तन: सेवानिवृत्ति या अन्य कारणों से मतदाताओं का जिले अथवा राज्य से बाहर शिफ्ट हो जाना सबसे बड़ा कारण रहा।
  • मृत मतदाता: सूची से 30,613 ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिनकी मृत्यु की पुष्टि हुई।
  • पते पर नहीं मिले: बूथ लेवल अधिकारी (BLO) द्वारा सत्यापन के दौरान 15,495 मतदाता अपने पंजीकृत पते पर नहीं पाए गए।
  • दोहरी एंट्री: एक ही मतदाता का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए जाने के कारण 5,340 नाम हटाए गए।

नागरिक क्या कर सकते हैं?

चुनाव कार्यालय ने प्रभावित मतदाताओं से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम पुनः जुड़वाने की कार्रवाई करें—

  • अपना नाम जांचें: मतदाता अपना नाम स्थानीय BLO, NVSP पोर्टल या वोटर हेल्पलाइन मोबाइल ऐप के माध्यम से जांच सकते हैं।
  • दावा (Claim) दर्ज करें: यदि किसी मतदाता का नाम गलती से हट गया है, तो वह 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक निर्धारित समय सीमा में दावा प्रस्तुत कर सकता है।

अन्य राज्यों में भी चला SIR अभियान

गौरतलब है कि इसी तरह की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया हाल ही में मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार जैसे राज्यों में भी चलाई गई है, जहाँ बड़ी संख्या में अपात्र या अद्यतन न होने वाले नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।

प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में एक आवश्यक कदम है।

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