छत्तीसगढ़ बंद का असर: रायपुर समेत प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त, व्यापार-यातायात ठप

CG.ई ख़बर


रायपुर (CG ई खबर) 
रायपुर | 24 दिसंबर 2025 कांकेर जिले में हुई हिंसक घटनाओं और धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर सर्व समाज द्वारा बुलाए गए छत्तीसगढ़ बंद का असर आज राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में व्यापक रूप से देखने को मिला। सुबह से ही बाजार आंशिक रूप से बंद रहे, सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं और कई स्थानों पर स्कूल-कॉलेजों की पढ़ाई भी बाधित रही।

स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है। बंद को छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (CCCI) समेत प्रमुख व्यापारिक संगठनों का समर्थन प्राप्त है।


बंद का कारण: कांकेर की हिंसा और मांगें

यह बंद कांकेर जिले के आमाबेड़ा और बड़े तेवड़ा क्षेत्र में हाल ही में हुई हिंसक झड़पों के विरोध में बुलाया गया है। इन घटनाओं में आदिवासी और मसीही समुदाय आमने-सामने आ गए थे। झड़प के दौरान तीन चर्च और प्रार्थना भवनों में आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं।
हिंसा को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस की कार्रवाई में 25 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए थे।


सर्व समाज की पांच प्रमुख मांगें

सर्व समाज ने राज्य सरकार के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं—

  1. राज्य में धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम को सख्ती और प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
  2. कांकेर हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।
  3. जनजातीय आस्था और परंपराओं पर हो रहे कथित हमलों को रोका जाए।
  4. संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत जनजातीय क्षेत्रों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
  5. प्रशासनिक भेदभाव समाप्त कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।

कौन-कौन सी सेवाएं रहीं प्रभावित

सुबह से ही बंद का असर साफ नजर आया—

यातायात एवं परिवहन:
रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, महासमुंद और बिलासपुर जिलों में राज्य परिवहन की बसों का संचालन प्रभावित रहा। ऑटो-रिक्शा और निजी वाहनों की संख्या भी कम दिखाई दी। ट्रांसपोर्ट चैंबर ने बंद को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की थी।

व्यापार:
रायपुर के अलावा रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर, जगदलपुर और राजनांदगांव में भी बाजार आंशिक या पूर्ण रूप से बंद रहे। चैंबर ऑफ कॉमर्स ने व्यापारियों से स्वेच्छा से बंद का समर्थन करने की अपील की थी।

शिक्षण संस्थान:
कई निजी स्कूल-कॉलेज बंद रहे। हालांकि, आवश्यकता पड़ने पर कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए बुलाए जाने की संभावना जताई गई है।

आवश्यक सेवाएं:
बंद आयोजकों ने स्पष्ट किया कि मेडिकल स्टोर और पेट्रोल पंप खुले रहेंगे, ताकि आम जनता को आवश्यक सेवाओं में परेशानी न हो।


प्रशासन और संगठनों की भूमिका

प्रशासनिक कार्रवाई:
घटना के बाद राज्य सरकार ने कांकेर के पुलिस अधीक्षक सहित तीन आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। नए एसपी के रूप में निखिल अशोक कुमार रखेचा को नियुक्त किया गया है।

संगठनात्मक समर्थन:
इस बंद को CCCI के साथ-साथ कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAT) और कई सामाजिक व जनजातीय संगठनों का समर्थन मिला है।

आयोजन का स्वरूप:
आयोजकों का कहना है कि बंद शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में है। कोंडागांव में रैली निकालकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का प्रस्ताव भी रखा गया है।


जनता के लिए अपील

प्रशासन और आयोजकों ने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। घर से बाहर निकलने वालों को यातायात व्यवधान और बाजार बंद रहने की संभावना को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

फिलहाल प्रदेश में हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं और अब तक किसी नई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

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