आरोप: धर्मांतरण का दबाव और हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी
(CG ई खबर | बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ : विजय चौहान)
जांजगीर-चांपा। जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तनौद में रविवार को आयोजित एक प्रार्थना सभा उस समय विवाद का केंद्र बन गई, जब स्थानीय लोगों ने धर्मांतरण का दबाव बनाए जाने और हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो पास्टरों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजू दांडेकर (उम्र 37 वर्ष) और मोती सिंह (उम्र 39 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस को स्थानीय हिंदू संगठनों द्वारा शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि प्रार्थना सभा के दौरान ग्रामीणों पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा था।
सूचना मिलने के बाद अकलतरा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के उपरांत दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। मामले की पुष्टि करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने कृत्य को स्वीकार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 एवं छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 1968 की धारा 3 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
एएसपी उमेश कश्यप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि
“धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या जबरन धर्म परिवर्तन कराने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में जांजगीर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।”
फिलहाल पुलिस प्रार्थना सभा से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे।


