पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बिजली विभाग और नगर निगम पर उठाए सवाल
(CG ई खबर | बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ : विजय चौहान)
कोरबा, 29 दिसंबर 2025।
शहर के हृदय स्थल में स्थित व्यावसायिक परिसर एसएस प्लाजा में सोमवार तड़के भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस अग्निकांड में कई दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं, वहीं करोड़ों रुपये के नुकसान का प्रारंभिक अनुमान लगाया जा रहा है। घटना को लेकर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बिजली विभाग और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
कैसे लगी आग
यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत एसएस प्लाजा में सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच हुई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा परिसर घने धुएं से भर गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
इन दुकानों को हुआ भारी नुकसान
अग्निकांड में
- पद्मिनी ज्वैलर्स,
- बालाजी स्टील,
- बालाजी क्लॉथ भंडार,
- एक अन्य ज्वेलरी शॉप और स्टील बर्तन की दुकान
सबसे अधिक प्रभावित हुईं। एहतियातन आसपास की 50 से 70 दुकानों को अस्थायी रूप से बंद कराया गया।
राहत एवं बचाव कार्य
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 11 से 14 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसे काबू में करने में 5 घंटे से अधिक समय लग गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
नुकसान का आकलन
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, आगजनी में लाखों से करोड़ों रुपये के व्यापारिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष जून माह में कोरबा के एक अन्य व्यावसायिक परिसर में आग लगने से 3 लोगों की मौत और 10 से अधिक लोग घायल हुए थे।
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल का तीखा बयान
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा—
- शॉर्ट सर्किट की आशंका: “वास्तविक कारण जांच के बाद सामने आएगा, लेकिन प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट की आशंका है।”
- बिजली विभाग पर आरोप: “बिना ठोस योजना और सुरक्षा मानकों के ट्रांसफॉर्मर लगाए जा रहे हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं।”
- नगर निगम को चेतावनी: “नगर निगम को अपनी नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी समझनी होगी। नियमों को ताक पर रखकर की गई लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
- भविष्य की चेतावनी: “यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो ऐसे हादसे दोहराए जाएंगे।”
अन्य प्रतिक्रियाएं
- सांसद ज्योत्सना महंत ने दमकल विभाग की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि “औद्योगिक नगरी होने के बावजूद कोरबा में फायर सेफ्टी सिस्टम बेहद कमजोर है।”
- जिला अधिवक्ता संघ ने भी पूर्व घटनाओं का हवाला देते हुए नगर निगम पर अग्नि सुरक्षा निरीक्षण में विफल रहने का आरोप लगाया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग दोहराई।
जांच जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पूर्व मंत्री अग्रवाल ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
निष्कर्ष
एसएस प्लाजा की यह घटना एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक निगरानी की पोल खोलती है। समय रहते ठोस सुधार नहीं किए गए, तो ऐसे हादसे भविष्य में और भी गंभीर रूप ले सकते हैं।


