सीमांत जंगल में अवैध कोयला खनन का भंडाफोड़, ग्रामीणों की सूचना पर कोयला लदा ट्रक जब्त

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सीमांत जंगल में अवैध कोयला खनन, अनभिज्ञ रहा वन अमला

कोयला ले जाते ट्रक को ग्रामीणों की सूचना पर किया गया जब्त

[CG ई ख़बर : विजय चौहान | बिलासपुर संभाग ब्योरो चीफ़]

कोरबा। कोरबा जिले के सीमावर्ती मोरगा–सरगुजा बॉर्डर पर स्थित पतुरियाडांड जंगल में अवैध कोयला खनन का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों की सजगता से वन एवं पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई में कोयले से भरा एक ट्रक जब्त किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात कुछ कोयला तस्कर पतुरियाडांड जंगल क्षेत्र में पहुंचे और पहले से अवैध रूप से खुदाई किए गए कोयले को ट्रक में लोड कर बाहर ले जाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान ग्रामीणों को गतिविधि संदिग्ध लगी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल वन विभाग को सूचना दी।

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ग्रामीणों के साथ जंगल की ओर रवाना हुई। वनकर्मियों को आता देख तस्कर ट्रक लेकर फरार होने लगे। वन अमले और ग्रामीणों ने उनका पीछा किया और मोरगा चौकी पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद ट्रक को रोकने में सफलता प्राप्त की।

जब्त ट्रक में भारी मात्रा में कोयला लदा पाया गया। वाहन में चालक और एक हेल्पर मौजूद थे, जिनसे पूछताछ की जा रही है। मोरगा चौकी प्रभारी एएसआई मंगतूराम मरकाम ने बताया कि देर रात सूचना मिलने पर पेट्रोलिंग टीम के साथ रवाना होकर वाहन को पकड़ा गया, जिसे आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया है।

इस पूरे मामले ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जंगल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कोयले की खुदाई किसी एक दिन में संभव नहीं है, इसके बावजूद मैदानी अमले को इसकी भनक तक नहीं लगना कई शंकाएं पैदा करता है। पूर्व में भी क्षेत्र में पेड़ों की अवैध कटाई और रेत खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सघन निगरानी और नियमित गश्त की जाती, तो जंगल में अवैध खनन जैसी गतिविधियां पनपने से रोकी जा सकती थीं। अब देखना होगा कि वन विभाग इस मामले में दोषियों के खिलाफ क्या ठोस और प्रभावी कार्रवाई करता है।

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