कोरबा | 24 दिसंबर 2025 धर्मांतरण के विरोध में कांकेर जिले के आमाबेड़ा में हुई हिंसक घटना के बाद सर्व हिंदू समाज द्वारा आहूत छत्तीसगढ़ बंद का असर बुधवार को कोरबा शहर में स्पष्ट रूप से देखने को मिला। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर अधिकांश दुकानें बंद रहीं, जिससे सामान्य जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ।
कोरबा में ये क्षेत्र रहे अधिक प्रभावित
- निहारिका घंटाघर
- सुभाष चौक
- कोसाबाड़ी
- टीपी नगर
- सीतामढ़ी चौक
इन इलाकों में सुबह से ही बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। बंद को सफल बनाने के लिए हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों में पहुंचे और दुकानदारों से स्वेच्छा से बंद का समर्थन करने की अपील की। इस दौरान कुछ स्थानों पर व्यापारियों से यह भी पूछा गया कि वे धर्मांतरण के मुद्दे पर क्या रुख रखते हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कोरबा शहर के संवेदनशील चौक-चौराहों पर पुलिस एवं अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। समाचार लिखे जाने तक किसी बड़ी घटना की सूचना नहीं मिली है।
प्रदेशभर में दिखा बंद का असर
यह बंद सिर्फ कोरबा तक सीमित नहीं रहा। बीजापुर, गरियाबंद, जगदलपुर सहित राज्य के कई जिलों में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा भी बंद को समर्थन दिए जाने से इसका प्रभाव और व्यापक हो गया।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, कोरबा में दुकानों का बंद रहना प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा रहा, जिसकी पृष्ठभूमि कांकेर जिले में हुई हिंसक घटना है। बंद के माध्यम से संगठनों ने धर्मांतरण के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
(CG ई खबर | कटघोरा ब्लॉक संवाददाता : पिंकी महंत)


