कोरबा (छत्तीसगढ़)। कोरबा जिले की जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा स्थानीय टी.पी. नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय में देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं महान अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की प्रथम पुण्यतिथि (26 नवंबर 2024) के अवसर पर एक गरिमामय श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेसजनों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके ऐतिहासिक योगदान को स्मरण किया।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं कांग्रेसजन उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. मनमोहन सिंह के छायाचित्र पर माल्यार्पण किया तथा उनकी स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर वक्ताओं ने डॉ. मनमोहन सिंह को एक मृदुभाषी, विद्वान, सादगीपूर्ण और ईमानदार व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उन्होंने 1991 के ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी और भारत को वैश्विक मंच पर सशक्त पहचान दिलाई। बतौर प्रधानमंत्री उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी देश को स्थिर नेतृत्व प्रदान किया।
देशभर में हुई श्रद्धांजलि सभाएं
डॉ. मनमोहन सिंह की प्रथम पुण्यतिथि केवल कोरबा तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे देश में कांग्रेस पार्टी एवं विभिन्न राजनीतिक-सामाजिक संगठनों द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए।
- दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजघाट पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
- हैदराबाद में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
- उत्तराखंड, झारखंड, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में स्थानीय कांग्रेस कार्यालयों में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं।
क्यों रही यह खबर महत्वपूर्ण
- व्यक्तित्व का सम्मान – डॉ. मनमोहन सिंह अपनी सादगी, विद्वता और ईमानदारी के लिए राजनीति से परे एक सर्वमान्य व्यक्तित्व रहे।
- ऐतिहासिक योगदान – 1991 के आर्थिक सुधारों के प्रणेता और एक सफल प्रधानमंत्री के रूप में उनका योगदान देश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
- राजनीतिक एकजुटता का संदेश – इस अवसर पर विभिन्न दलों के नेताओं द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित किया जाना उनके प्रति व्यापक सम्मान को दर्शाता है।
कुल मिलाकर, कोरबा सहित पूरे देश में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम डॉ. मनमोहन सिंह जी की अमूल्य विरासत, दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान के प्रति गहरे सम्मान का प्रतीक रहे, जिसे स्थानीय और राष्ट्रीय मीडिया ने प्रमुखता से कवर किया।


