(CGई खबर। कटघोरा ब्लॉक संवाददाता: पिंकी महंत)
कोरबा, 23 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक आक्रामक दंतैल हाथी ने व्यापक दहशत फैला दी है। कटघोरा वन मंडल सहित विभिन्न इलाकों में तीन ग्रामीणों को कुचलकर मारने के बाद यह हाथी सोमवार को कोरबा से करीब 25 किलोमीटर दूर करतला रेंज के बड़मार क्षेत्र में पहुंच गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने थर्मल ड्रोन कैमरों से रात्रिकालीन निगरानी तेज कर दी है।
72 घंटे में 75 किलोमीटर, 40 से अधिक गांव प्रभावित
पिछले 72 घंटों में यह दंतैल हाथी लगभग 75 किलोमीटर का सफर तय कर चुका है और 40 से अधिक गांवों को प्रभावित कर चुका है। इस दौरान हुए हमलों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
हमलों का क्रम:
- सबसे पहले बिलासपुर रेंज में एक महिला को कुचलकर मौत।
- इसके बाद कटघोरा वन मंडल में 24 घंटे के भीतर दो महिलाओं की जान गई।
- तीसरी घटना 19 दिसंबर की तड़के बालको रेंज के गौरबोरा गांव में हुई, जहां घर में सो रहे 40 वर्षीय महेन्दा सिंह मंझवार की हाथी ने कुचलकर हत्या कर दी।
वन विभाग अलर्ट मोड में
खतरे को भांपते हुए वन विभाग ने व्यापक इंतजाम किए हैं—
- थर्मल ड्रोन से निगरानी: रात में हाथी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। ड्रोन की मदद से एक बड़ा हादसा उस वक्त टल गया, जब हाथी के संभावित मार्ग में खुले आंगन में सो रहे परिवार को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
- टीमों की तैनाती: 5 वाहनों में 25 सदस्यीय टीम चौबीसों घंटे ट्रैकिंग में जुटी है। दो अलग-अलग टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
- सुरक्षा उपाय: हाथी के मूवमेंट वाले मार्गों (जैसे कॉफी प्वाइंट रोड) को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। रामपुर में मेला होने के चलते प्रमुख सड़कों पर वनकर्मी और पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है।
हालांकि, हाथी की अनियमित और तेज गति बड़ी चुनौती बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार यह रोजाना लगभग 25 किलोमीटर चलता है और अधिकतर रात में जंगल के रास्तों से आगे बढ़ता है। बड़मार पहुंचने से पहले यह केसला और गेराव गांवों से भी गुजर चुका है।
ग्रामीणों में डर और आक्रोश
लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में भय और नाराजगी है। उनका आरोप है कि हाथी की गतिविधियों की पूर्व सूचना के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई।
वन विभाग की अपील—इन निर्देशों का करें पालन
- रात में किसी भी असामान्य आवाज पर घर से बाहर न निकलें।
- खेत, बाड़ी या आंगन में—विशेषकर जहां धान रखा हो—रात न बिताएं।
- सुबह जल्दी जंगल या खेतों की ओर न जाएं।
- हाथी से दूरी बनाए रखें; यह अत्यंत आक्रामक है।
- मुनादी व विभागीय चेतावनियों का सख्ती से पालन करें।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथी से हुए नुकसान का सर्वे जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। कोरबा जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष की यह घटना प्रशासन और समाज—दोनों के लिए गंभीर चुनौती बनकर सामने आई है।


