कुसमुंडा में घंटों बाधित रहा यातायात
[CG ई खबर : विजय चौहान | बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ]
कोरबा। कुसमुंडा क्षेत्र की इमली छापर बस्ती में रेलवे द्वारा मकान तोड़ने के नोटिस जारी किए जाने के बाद शुक्रवार को हालात तनावपूर्ण हो गए। नोटिस के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए, जिससे क्षेत्र में कई घंटों तक यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर रेलवे के कर्मचारी इमली छापर बस्ती पहुंचे, जहां उन्होंने कई मकानों पर तोड़फोड़ के निशान लगाए और रहवासियों को शीघ्र घर खाली करने के निर्देश दिए। अचानक की गई इस कार्रवाई से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग इमली छापर चौक पर एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग को जाम करने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद ग्रामीण ट्रक मार्ग वाली सड़क पर बैठ गए, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम के कारण आम नागरिकों, स्कूली बच्चों और आपातकालीन सेवाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दर्री तहसीलदार मौके पर पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर रेलवे और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बैठक कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया। प्रशासनिक भरोसे के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया और सड़क से हट गए, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी रेलवे द्वारा कोरबा के इंदिरा नगर दुरपा बस्ती में लगभग 250 मकानों को हटाने के नोटिस जारी किए गए थे। उस दौरान भी आक्रोशित नागरिकों ने रेलवे स्टेशन का घेराव किया था और पवन टॉकीज के पास करीब तीन घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया गया था।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि मकान खाली कराने से पूर्व उन्हें वैकल्पिक आवास, उचित मुआवजा और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था की जाए। फिलहाल विरोध के चलते रेलवे ने तोड़फोड़ की कार्रवाई स्थगित कर दी है और नोटिस की समय-सीमा बढ़ा दी गई है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब भी लंबित है।


