(CG ई खबर | प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल)
मामूली विवाद से शुरू हुआ खूनी घटनाक्रम
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रात करीब 1 बजे बुधवारी बाईपास मार्ग पर कुछ युवक अपनी कार में बैठे हुए थे। इसी दौरान एक सफेद बोलेरो वहां पहुंची और सड़क पर पर्याप्त जगह होने के बावजूद वाहन हटाने को लेकर विवाद शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद के बीच जैसे ही सहायक उप निरीक्षक (ASI) रामनारायण रात्रे के पुत्र चंद्रमणि रात्रे (दादू) वाहन से बाहर निकले, बोलेरो चालक ने तेज रफ्तार से गाड़ी बढ़ाते हुए उन्हें टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया।
पत्रकार और साथी ने किया पीछा
घटना के बाद घायल युवक के साथियों ने बोलेरो का पीछा शुरू किया। स्कूटी पर सवार युवा पत्रकार अरविंद राठौर और उनके साथी साहिल निर्मलकर कथित रूप से आरोपियों के पीछे-पीछे एनटीपीसी मार्ग से बलगी की ओर पहुंचे। आरोप है कि रास्ते में बोलेरो सवारों ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया।
बताया जा रहा है कि कुछ बाइक सवार युवकों ने अरविंद राठौर को रोककर सड़क पर गिराया और जबरन वाहन में बैठाकर अपने साथ ले गए।
25 से 30 हमलावरों ने किया हमला
जानकारी के अनुसार, बलगी क्षेत्र में एक स्थान पर करीब 25 से 30 युवकों ने लाठी-डंडों से लैस होकर पत्रकार अरविंद राठौर पर हमला किया। इस दौरान एक युवक के पास पिस्टलनुमा हथियार होने की भी बात सामने आई है। आरोप है कि हथियार उनकी कनपटी पर लगाया गया तथा दहशत फैलाने के लिए हवा में फायरिंग भी की गई।
हमले में गंभीर रूप से घायल अरविंद को हमलावर मृत समझकर बलगी मोड़ के पास छोड़कर फरार हो गए। पीड़ित के अनुसार, हमलावर उनके पास मौजूद नकदी, मोबाइल फोन और सोने के आभूषण भी लेकर चले गए।
होश आने पर साथियों को दी सूचना
कुछ देर बाद होश में आने पर अरविंद राठौर ने अपने पास मौजूद दूसरे मोबाइल फोन से साथियों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही साथी मौके पर पहुंचे और उन्हें लेकर बांकीमोंगरा थाना पहुंचे। बाद में उन्हें उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उधर, वाहन की टक्कर से घायल चंद्रमणि रात्रे का भी अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की प्रारंभिक प्रतिक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि गंभीर स्थिति में घायल युवक को थाना पहुंचाए जाने के बावजूद तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
पुलिस ने शुरू की व्यापक जांच
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सक्रिय हो गए। पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों के निर्देशन में बुधवारी बाईपास से लेकर बलगी मोड़ तक पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। पुलिस को कुछ अहम सुराग मिलने की जानकारी भी सामने आ रही है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वारदात के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, हमलावरों का लक्ष्य कौन था और घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया या नहीं। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।
(नोट: यह समाचार उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों/परिजनों के दावों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और पुलिस जांच के बाद तथ्य बदल सकते हैं।)

