फर्जी ड्राइवर, फर्जी लाइसेंस और बदली नंबर प्लेट से रची गई थी साजिश, दो आरोपी अब भी फरार
रायगढ़। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में आर्थिक अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत चक्रधरनगर पुलिस ने करीब 30 टन एमएस चैनल एवं एमएस बीम, जिसकी अनुमानित कीमत 14.22 लाख रुपये बताई गई है, की सुनियोजित हेराफेरी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में मुख्य साजिशकर्ता सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एमएसपी प्लांट से भेजे गए लोहे के माल को निर्धारित गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय उसे रास्ते में ही बेचने की साजिश रची थी। इसके लिए फर्जी ड्राइवर, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस और दूसरे ट्रांसपोर्टर के वाहन नंबर का इस्तेमाल किया गया। आरोपियों ने वाहन की नंबर प्लेट बदलकर पुलिस और संबंधित एजेंसियों को गुमराह करने का प्रयास भी किया।
जांच के दौरान पुलिस ने पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित षड्यंत्र के रूप में उजागर किया। मामले में धोखाधड़ी के साथ-साथ साक्ष्य मिटाने की साजिश सामने आने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
चक्रधरनगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य साजिशकर्ता समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों को 24 जुलाई 2026 को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं, मामले में फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
रायगढ़ पुलिस का कहना है कि आर्थिक अपराधों और संगठित तरीके से की जाने वाली धोखाधड़ी के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत पुलिस की इस कार्रवाई को आर्थिक अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



