कोरबा। जिले के सांसद आदर्श ग्राम तिलकेजा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता जितेन्द्र कुमार साहू ने जनपद पंचायत कोरबा की ग्राम पंचायत तिलकेजा में अपात्र घोषित किए गए हितग्राहियों को दोबारा पात्र बनाए जाने और योजना की राशि जारी किए जाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत के अनुसार, 18 जुलाई 2024 को आयोजित ग्रामसभा में प्रधानमंत्री आवास योजना के 214 हितग्राहियों की सूची का परीक्षण किया गया था। इस दौरान सरकारी नौकरी, पक्का मकान, पूर्व में आवास योजना का लाभ लेने अथवा अन्य कारणों के चलते 66 हितग्राहियों को अपात्र घोषित किए जाने का दावा किया गया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद 14 अप्रैल 2026 को आयोजित ग्रामसभा में नई कार्यवाही पंजी तैयार कर पूर्व में अपात्र घोषित इन्हीं 66 लोगों में से हितग्राहियों को दोबारा पात्र घोषित कर दिया गया। आरोप है कि इसके बाद जून माह में कई हितग्राहियों के खातों में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रथम किस्त के रूप में 40-40 हजार रुपये की राशि भी जारी कर दी गई।
फर्जी ग्रामसभा कार्यवाही तैयार करने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूर्व ग्रामसभा में अपात्र घोषित किए गए हितग्राहियों की सूची में कथित तौर पर बदलाव कर नई कार्यवाही तैयार की गई। शिकायतकर्ता ने इस पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि यदि अपात्र लोगों को योजना का लाभ दिया गया है तो इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है।
एफआईआर और राशि वसूली की मांग
जितेन्द्र कुमार साहू ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा को दिए आवेदन में सरपंच, सचिव और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता ने कूटरचना, धोखाधड़ी और सरकारी धन के कथित गबन के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, जारी राशि की शत-प्रतिशत वसूली करने और अपात्र हितग्राहियों की स्वीकृति निरस्त करने की मांग की है।
शिकायत में ये प्रमुख मांगें
- मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच के लिए जांच दल गठित किया जाए।
- कथित फर्जी ग्रामसभा कार्यवाही तैयार करने वालों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।
- 18 जुलाई 2024 की ग्रामसभा में अपात्र घोषित 66 हितग्राहियों की स्वीकृति की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
- यदि राशि नियम विरुद्ध जारी हुई है तो उसकी वसूली कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
- पंचायत राज अधिनियम के तहत जिम्मेदार सरपंच एवं सचिव की भूमिका की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जांच के बाद सामने आएगी वास्तविकता
फिलहाल मामला शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के आधार पर सामने आया है। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और पात्रता प्रक्रिया में अनियमितता का गंभीर मामला हो सकता है। मामले में संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।


