दुर्ग। जिले के चारोदा क्षेत्र के पंचशील नगर में एक घर से अत्यंत दुर्लभ श्वेतवर्णी (Leucistic) करैत सर्प मिलने से वन्यजीव प्रेमियों में उत्सुकता बढ़ गई। 21 जुलाई 2026 को सफेद रंग के सर्प की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम और सर्प रेस्क्यूअर विजय शर्मा मौके पर पहुंचे और सर्प को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
विशेषज्ञों की जांच में सर्प की पहचान श्वेतवर्णी करैत (Bungarus fasciatus) के रूप में हुई। शरीर में रंगद्रव्य की कमी के कारण होने वाली इस आनुवंशिक अवस्था को ल्यूसिज़्म (Leucism) कहा जाता है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के श्वेतवर्णी करैत के अभिलेख बेहद कम हैं।
दुर्ग जिले में इस दुर्लभ सर्प का मिलना क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का महत्वपूर्ण प्रमाण माना जा रहा है। दुर्ग वनमंडलाधिकारी दीपेश कपिल के निर्देश पर 23 जुलाई को आर.ए. प्रमोद यादव, सर्प मित्र विजय शर्मा और सर्प विशेषज्ञ अविनाश मौर्य की मौजूदगी में सर्प को राजनांदगांव वनमंडल के कक्ष क्रमांक RF-549 स्थित प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीव दिखाई देने पर उसे पकड़ने का प्रयास न करें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें।


