नरईबोध/कोरबा। एसईसीएल गेवरा क्षेत्र से प्रभावित ग्राम नरईबोध के विस्थापित ग्रामीण छोटेलाल द्वारा वैकल्पिक रोजगार दिलाने के नाम पर ₹1 लाख लिए जाने के लगाए गए आरोपों के मामले में अब किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष राकेश पटेल का पक्ष सामने आया है। राकेश पटेल ने आरोपों का स्पष्ट खंडन करते हुए कहा है कि छोटेलाल के मंझले बेटे की नौकरी PNC कंपनी में लग चुकी है, जबकि उनके छोटे बेटे की नौकरी अभी नहीं लगी है। छोटे बेटे के रोजगार के लिए बायोडाटा दिया गया था। उनका कहना है कि नौकरी दिलाने के नाम पर उन्होंने छोटेलाल से किसी प्रकार की राशि नहीं ली।
राकेश पटेल के अनुसार, छोटेलाल के परिवार की ओर से उनके छोटे बेटे के लिए रोजगार की संभावना को लेकर बायोडाटा दिया गया था। छोटेलाल के मंझले बेटे की PNC में नौकरी लग चुकी है, लेकिन छोटे बेटे की नौकरी नहीं लग सकी। इसी के बाद उनके ऊपर ₹1 लाख लेने का आरोप लगाया गया, जिसे उन्होंने स्पष्ट रूप से गलत और निराधार बताया है।
₹1 लाख लेने के आरोप से राकेश पटेल का इनकार
राकेश पटेल ने कहा कि उन्होंने छोटेलाल से नौकरी दिलाने के नाम पर ₹1 लाख की कोई राशि नहीं ली है। उनका कहना है कि यदि शिकायतकर्ता द्वारा राशि दिए जाने का दावा किया जा रहा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच में वास्तविकता सामने आनी चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छोटेलाल के मंझले बेटे की PNC कंपनी में नौकरी हो चुकी है, जबकि छोटे बेटे के लिए बायोडाटा दिया गया था और उसकी नौकरी अभी नहीं लगी है। राकेश पटेल का दावा है कि छोटे बेटे के रोजगार के लिए भी उनसे कोई पैसा नहीं लिया गया।
कुसमुंडा थाना की जांच में रकम देने का प्रमाण नहीं मिलने का दावा
CG ई खबर को कुसमुंडा थाना से मिली जानकारी के अनुसार, मामले की जांच के दौरान छोटेलाल की ओर से राकेश पटेल को ₹1 लाख दिए जाने की पुष्टि करने वाला कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया। थाना स्तर से मिली जानकारी के मुताबिक, छोटेलाल के एक बेटे की नौकरी PNC कंपनी में लग चुकी है। वहीं, उपलब्ध जानकारी के अनुसार छोटेलाल के बेटे की ओर से भी राकेश पटेल द्वारा रकम लेने के आरोप की पुष्टि करने वाला कोई सहयोग या साक्ष्य सामने नहीं आया।
हालांकि, CG ई खबर के पास पुलिस जांच की लिखित रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है। इसलिए थाना से प्राप्त मौखिक जानकारी को उसी रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है और मामले में अंतिम निष्कर्ष सक्षम जांच या आधिकारिक दस्तावेज के आधार पर ही माना जाना उचित होगा।
छोटेलाल के आरोपों पर राकेश पटेल ने मांगी निष्पक्ष जांच
राकेश पटेल ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोपों से उनकी सामाजिक और सार्वजनिक छवि प्रभावित हुई है। उनका दावा है कि छोटे बेटे की नौकरी नहीं लग पाने के बाद ही उनके खिलाफ शिकायत की गई। उन्होंने इस शिकायत को बौखलाहट में की गई और तथ्यहीन शिकायत बताया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि CG ई खबर द्वारा नहीं की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि रोजगार से संबंधित प्रक्रिया कंपनी और संबंधित प्रावधानों के अनुसार होती है। किसी व्यक्ति के बायोडाटा दिए जाने मात्र से यह साबित नहीं होता कि उससे नौकरी के बदले पैसा लिया गया।
आरोप और जवाब के बीच जांच के निष्कर्ष पर नजर
मामले में शिकायतकर्ता छोटेलाल की ओर से पहले कलेक्टर को शिकायत सौंपकर ₹1 लाख लिए जाने का आरोप लगाया गया था और अपने पुत्र को वैकल्पिक रोजगार दिलाने की मांग की गई थी। शिकायत में PNC कंपनी में रोजगार दिलाने का भरोसा देने का भी आरोप लगाया गया था।
अब राकेश पटेल की ओर से इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा गया है कि छोटेलाल के एक बेटे की PNC में नौकरी हो चुकी है और दूसरे बेटे के लिए बायोडाटा दिया गया था, लेकिन नौकरी दिलाने के नाम पर कोई पैसा नहीं लिया गया। वहीं, कुसमुंडा थाना से मिली जानकारी के अनुसार भी ₹1 लाख दिए जाने का कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है।
CG ई खबर मामले में शिकायतकर्ता छोटेलाल और कुसमुंडा थाना से प्राप्त जानकारी के आधार पर दोनों पक्षों का पक्ष सामने रख रहा है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप और राकेश पटेल के खंडन के बीच अब पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिकायतकर्ता का पक्ष या कोई नया दस्तावेज सामने आने पर उसे भी निष्पक्ष रूप से प्रकाशित किया जाएगा।
महत्वपूर्ण: ₹1 लाख लेने का आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाया गया था, जबकि किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष राकेश पटेल ने आरोप को निराधार बताते हुए कहा है कि छोटेलाल के मंझले बेटे की PNC में नौकरी लग चुकी है, जबकि छोटे बेटे की नौकरी नहीं लगी है और इसी बात को लेकर उनके खिलाफ शिकायत की गई। शिकायतकर्ता के आरोपों और राकेश पटेल के दावों की स्वतंत्र पुष्टि तथा पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही मामले में अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।


