रायपुर। छत्तीसगढ़ वन विभाग में वर्दीधारी फ्रंटलाइन कर्मचारियों के तबादले की व्यवस्था में बदलाव की तैयारी को लेकर विभाग में असंतोष सामने आया है। वन मुख्यालय की ओर से वनरक्षक से लेकर वनक्षेत्रपाल स्तर तक के कर्मचारियों के स्थानांतरण का अधिकार जिला वन मंडलाधिकारी (DFO) और मुख्य वन संरक्षक (CCF) को सौंपने की कवायद की जा रही है। इस प्रस्ताव का विभागीय कर्मचारी संघ विरोध कर रहा है।
बताया जा रहा है कि अब तक वनरक्षक, वनपाल, उप वनक्षेत्रपाल और वनक्षेत्रपाल सहित फ्रंटलाइन स्टाफ के तबादले शासन स्तर पर किए जाते रहे हैं। प्रस्तावित व्यवस्था में इन तबादलों का अधिकार मैदानी स्तर के अधिकारियों को देने की तैयारी है। वन मुख्यालय की ओर से इसके पीछे मैदानी अमले की कार्यक्षमता बढ़ाने और वन विभाग की प्लानिंग एवं एक्जिक्यूशन को अधिक प्रभावी बनाने का तर्क दिया जा रहा है।
पुलिस विभाग की तर्ज पर व्यवस्था बनाने की तैयारी
वन मुख्यालय के स्तर पर प्रस्तावित व्यवस्था को पुलिस विभाग की तबादला प्रणाली से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस विभाग में कांस्टेबल से लेकर एएसआई स्तर तक के तबादलों में जिला और रेंज स्तर के अधिकारियों की भूमिका रहती है। इसी तरह वन विभाग में भी मैदानी कर्मचारियों के स्थानांतरण का अधिकार DFO और CCF स्तर पर देने की बात सामने आई है।
वन विभाग का फ्रंटलाइन अमला वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ वन अपराधों पर कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी आधार पर विभागीय स्तर पर स्थानांतरण व्यवस्था को विकेंद्रीकृत करने की कोशिश की जा रही है।
कर्मचारी संघ ने जताई आपत्ति
इस प्रस्ताव का वन विभाग के कर्मचारी संघ ने विरोध किया है। संघ का आरोप है कि यदि स्थानांतरण का अधिकार मैदानी अधिकारियों को दे दिया गया तो कर्मचारियों पर दबाव बढ़ सकता है। संघ ने आशंका जताई है कि विभागीय स्तर पर अनियमितताओं या कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले निचले स्तर के कर्मचारियों को स्थानांतरण के जरिए परेशान किया जा सकता है।
कर्मचारी संघ का दावा है कि कई मामलों में निचले स्तर के कर्मचारियों ने ही वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामलों को सामने लाने में भूमिका निभाई है। ऐसे में तबादले का अधिकार DFO या CCF स्तर पर जाने से कर्मचारियों को मनमाने स्थानांतरण का खतरा महसूस हो रहा है।
2019 में भी हुआ था प्रयास
कर्मचारी संघ के अनुसार, वर्दीधारी फ्रंटलाइन स्टाफ के तबादले के अधिकार में बदलाव की कोशिश वर्ष 2019 में भी की गई थी। उस समय तत्कालीन PCCF की ओर से प्रस्ताव भेजे जाने की बात कही गई थी, लेकिन सामान्य प्रशासन विभाग ने उस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी थी।
अब एक बार फिर तबादला अधिकारों में बदलाव की कवायद शुरू होने से विभागीय कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है। कर्मचारी संघ ने इस व्यवस्था को लेकर PCCF स्तर पर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
हालांकि, स्थानांतरण व्यवस्था में अंतिम निर्णय शासन स्तर पर होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।


